भक्ति के साथ पर्यूषण महापर्व का समापन

लगातार आठ दिनों तक नवकार महामंत्र जप साधना आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति का हुआ मंगलमय अनुभव

    29-Aug-2025
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बिबवेवाड़ी, 28 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

बिबवेवाड़ी जैन स्थानक में पर्यूषण महापर्व बड़ी आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया. इस पर्व का समापन अंतिम दिन क्षमापना (संवत्सरी प्रतिक्रमण) का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान के साथ हुआ. यह अनुष्ठान समाज के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, साधकों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में एक मंगलमय वातावरण में संपन्न हुआ. इस वर्ष के पर्यूषण महापर्व में नवकार महामंत्र जप साधना से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति और मंगलमय वातावरण का निर्माण हुआ. सामूहिक जप का समापन बुधवार (27 अगस्त) को सामूहिक प्रार्थना और कलश अनुष्ठान के साथ हुआ. इस मंगल कलश के लाभार्थी परिवार सुनील, मनोज, संदीप दुगड़ थे. पर्यूषण पर्व के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण संवत्सरी प्रतिक्रमण अनुष्ठान का श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा से अनुभव किया. इस अवसर पर शोभा रवींद्र दुगड़ ने प्रतिक्रमण का लाभ लिया. राजेंद्र गुगले ने भी 20 लोग्गास का लाभ प्राप्त किया. उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने सामूहिक अलौकिक अनुभव का आनंद उठाया. इस अवसर पर अभय छाजेड़, राजकुमार चोरडिया, राजेंद्र गुगले सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. कार्यक्रम में बिबवेवाड़ी श्री संघ के अध्यक्ष पोपटलाल ओस्तवाल ने संघ की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों की समीक्षा की. उन्होंने आगामी गतिविधियों की जानकारी देते हुए समाज में एकता एवं धार्मिक परंपराओं को विकसित करने का आह्वान किया. कार्यक्रम का संचालन संघ के उपाध्यक्ष माणिक दुगड़ ने किया. पर्यूषण महापर्व के इस समापन अवसर पर क्षेत्र से हजारों श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे. सामूहिक प्रार्थना, अलौकिक प्रतिक्रमण एवं आत्म-शांति द्वारा क्षमा का लाभ सभी को मिला. कार्यक्रम के बाद समाज के विभिन्न वर्गों ने इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला और संदेश दिया कि ‌‘क्षमा ही सर्वोत्तम भूषण है'. इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बिबवेवाड़ी श्री संघ की चेयरमैन शोभा धाड़ीवाल, अध्यक्ष पोपटलाल ओस्तवाल, माणिक दुगड़, गणेश ओसवाल, अविनाश कोठारी, लालचंदजी कर्णावट, सुनील बलाई, पन्नालालजी पितलिया, प्रवीण चोरबेले, चं द्रकांत लुंकड़, रामलालजी संचेती, कीर्ति राज दुगड़ के साथ सत्य साधना महिला मंडल, श्रुत बहु मंडल, जय आत्मानंद ग्रुप, वर्धमान यूथ ग्रुप ने बहुमूल्य योगदान दिया.