पुणे, 29 अगस्त, (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट युवा, विकसित भारत के संकल्पना अंतर्गत देशभर में पहली बार सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है. इसका शुभारंभ पुणे से होगा और यह आयोजन आगामी नवंबर में किया जाएगा. दीपावली के बाद पुणेकरों को खेलोत्सव का अनोखा अनुभव मिलने वाला है. इसकी जानकारी केंद्रीय सहकार और नागरी विमानन मंत्री तथा पुणे के सांसद मुरलीधर मोहोल ने पत्रकार परिषद में दी. राष्ट्रीय खेल दिवस पर घोषणा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर डेक्कन जिमखाना में आयोजित पत्रकार परिषद में यह घोषणा की गई. इस मौके पर सांसद खेल महोत्सव के मुख्य संयोजक व छत्रपति पुरस्कार विजेता मनोज एरंडे, ओलंपिक खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार विजेता मनोज पिंगले, भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रेखा भिड़े, अर्जुन पुरस्कार विजेता कबड्डी खिलाड़ी शांताराम जाधव, विलास कथुरे, पूर्व क्रिकेटर केदार जाधव, पहलवान संदीप भोंडवे, हिंदकेसरी योगेश दोड़के समेत अनेक नामी खिलाड़ी उपस्थित थे. महोत्सव की संयोजन समिति में निशानेबाज और खेलरत्न पुरस्कार विजेता अंजली भागवत, अर्जुन पुरस्कार विजेता कबड्डी खिलाड़ी सुरेखा द्रविड, शतरंज ग्रैंडमास्टर अभिजीत कुंटे समेत पुणे के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं सभी वर्गों के लिए खेलः मुरलीधर मोहोल मोहोल ने बताया कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांसद खेल महोत्सव का आयोजन हो रहा है. इसमें केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन को भी हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा. भारतीय पारंपरिक खेलों के साथ अंतरराष्ट्रीय खेलों की भी स्पर्धाएं होंगी. करीब 33 प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं में हजारों खिलाड़ी भाग लेंगे. वरिष्ठ नागरिकों के लिए शतरंज और कैरम वहीं दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बास्केटबॉल और स्वीमिंग प्रतियोगिताएं होंगी. प्रतिभा खोजने का महोत्सव मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में खेल विकास का रोडमैप तैयार किया. गांव-गांव तक खेल सुविधाएं पहुंच रही हैं. ध्यानचंद जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित किया गया. सांसद खेल महोत्सव उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जो देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों की खोज कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाएगा.
खिलाड़ियों की राय
लगभग 20 से 25 हजार खिलाड़ी इस महोत्सव में भाग लेंगे. मुरलीधर मोहोल खुद खिलाड़ी और पहलवान रहे हैं, इसलिए उनका मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा.- मनोज एरंडे
देश में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं थी, लेकिन पहले उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता था. अब मोदी सरकार ने खेलों को महत्व देकर आवश्यक सुविधाएं दीं, जिसके परिणाम पदकों के रूप में दिख रहे हैं - मनोज पिंगले
ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल की बुनियादी सुविधाएं तैयार हो रही हैं. इसके चलते गांव-गांव से खिलाड़ी उभर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत रहे हैं. - विलास कथुरे