अक्सर लोग डॉक्टर से कहते हैं मेरी एमआरआई और एक्सरे दोनों नॉर्मल हैं, फिर भी शरीर में लगातार दर्द क्यों है? यह समस्या आज बहुत आम हो गई है. सच यह है कि शरीर में लंबे समय तक रहने वाला अयादातर दर्द मांसपेशियों से जुड़ा होता है. मांसपेशियाँ शरीर का वह हिस्सा हैं जहाँ अलग-अलग कारणों से पैदा हुआ दर्द आखिर में आकर टिक जाता है. दुर्भाग्य से, मांसपेशियों की समस्या आम जांचों में दिखाई नहीं देती, इसलिए कई बार दर्द को नजरअंदाज कर दिया जाता है या कहा जाता है कि सब कुछ ठीक है. जबकि असल में दर्द पूरी तरह वास्तविक होता है.
जब रिपोर्ट नॉर्मल हो, तब भी दर्द क्यों होता है?
एमआरआई और एक्सरे से हड्डियाँ, नसें और बड़े बदलाव दिखते हैं, लेकिन मांसपेशियों की जकड़न, छोटे-छोटे खिंचाव, मांसपेशियों में गाँठें, लंबे समय की थकान इन जांचों में नजर नहीं आतीं. यही कारण है कि रिपोर्ट सही होने के बावजूद दर्द बना रहता है.
हर दर्द का रास्ता मांसपेशियों से होकर जाता है.
चाहे दर्द की शुरुआत, गर्दन या कमर से हो, नसों की समस्या से हो, गलत बैठने-उठने से हो मानसिक तनाव या चिंता से हो. अंत में मांसपेशिया सख्त हो जाती हैं और दर्द को पकड़कर रखती हैं. मोबाइल और लैपटॉप का अयादा इस्तेमाल, कम नींद और तनाव इस दर्द को और बढ़ा देते हैं.
मांसपेशियों का दर्द सालों तक क्यों चलता रहता है?
इसके मुख्य कारण हैं- मांसपेशियों की सही जाँच न होना, रिपोर्ट नॉर्मल होने पर दर्द को मानसिक मान लेना, केवल दर्द की दवाओं पर निर्भर रहना, दर्द की असली जड़ तक इलाज न पहुँचना. इसी वजह से लोग डॉक्टर बदलते रहते हैं, जाँचें बढ़ती जाती हैं, लेकिन दर्द कम नहीं होता.
मांसपेशियों को समझना क्यों जरूरी है?
मांसपेशियाँ शरीर की सुरक्षा ढाल हैं. जब भी शरीर में कोई समस्या होती है. चोट, सूजन, नसों की दिक्कत या तनावसबसे पहले मांसपेशियाँ ही प्रतिक्रिया देती हैं. अगर समय पर इलाज न हो, तो यही दर्द नींद खराब करता है, काम करने की क्षमता घटाता तथा चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान बढ़ाता है.
इलाज की सोच बदलने की जशरत
आज जशरी है कि केवल रिपोर्ट नहीं, बल्कि शरीर की कार्यप्रणाली को भी समझा जाए. मांसपेशियों की जकड़न, कमजोरी और असंतुलन को पहचानकर किया गया इलाज अयादा असरदार और लंबे समय तक राहत देने वाला होता है. कई मामलों में बिना सर्जरी और बिना अयादा दवाओं के भी दर्द से राहत मिल सकती है.
मांसपेशियों के दर्द में आधुनिक इलाज:अल्ट्रासाउंड-गाइडेड ड्राय नीडलिंग
यह एक आधुनिक तकनीक है जिसमें अल्ट्रासाउंड की मदद से मांसपेशियों को सीधे देखा जाता है और दर्द वाले हिस्से में बहुत पतली सुई डाली जाती है. इससे जकड़ी मांसपेशी ढीली होती है, रक्त संचार बेहतर होता है,दर्द का चक्र टूटता है. यह इलाज बिना दवा, बिना सर्जरी और कम साइड इफेक्ट्स के किया जाता है और उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जिनकी रिपोर्ट्स नॉर्मल आती हैं. यह प्रक्रिया केवल विशेष प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर द्वारा ही की जानी चाहिए.
एक जशरी संदेश
अगर आपको लंबे समय से दर्द है और सभी जाँचें नॉर्मल आ रही हैं, तो यह मान लेना किअब इसी दर्द के साथ जीना पड़ेगा सही नहीं है| संभव है आपके दर्द की असली वजह वे मांसपेशियाँ हों, जिन्हें अब तक ठीक से देखा ही नहीं गया. दर्द सहना समाधान नहीं है. सही पहचान और सही इलाज से दर्द- मुक्त, सक्रिय और बेहतर जीवन संभव है.