मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के लिए छतें किराए पर

    15-Jan-2026
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sankrant 
 
गुजरात में मकर संक्रांति का मतलब है पतंगबाजी. राज्य में पतंगबाजी की तैयारियां एक-दाे महीने पहले से ही शुरू हाे जाती हैं.इसके चलते पिछले कुछ वर्षाें में ‘टेरेस टूरिज्म’ का चलन भी शुरू हाे गया है. इस साल भी अहमदाबाद के पाेल, खाडिया और रायपुर इलाकाें में सभी ऊंची छतें बुक हाे चुकी हैं.छताें का किराया 20 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक जा पहुंचा है.ओल्ड अहमदाबाद में रहने वाले बड़ी संख्या में लाेग अब विदेशाें में बस गए हैं. इसलिए ये पतंगबाजी के साथ अपनी पुरानी यादें ताजा करने हर साल यहां आते हैं. दरअसल, रायपुर इलाके में शहर का सबसे बड़ा पतंग मार्केट भी है. इसके चलते यहां की पतंगबाजी भी पूरे अहमदाबाद में फेमस है. पाेल इलाके में रहने वाले विवेके कुमार ने कहा कि इस साल उनके यहां पंजाब से एक फैमिली आ रही हैं.
 
वहीं, कई एनआरआई ने भी इलाके में छतें किराए पर ले चुके हैं. इस साल किराया 15 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है. हम मेहमानाें काे पतंगाें के साथ-साथ खाने-पीने का सामान भी उपलब्ध कराते हैं. इसमें उंधियूपूरी, जलेबी, भजिया और तिल की चिक्की जैसे व्यंजन शामिल हाेते हैं. इसके अलावा मिनरल वाटर, बैठने के लिए छताें पर साेफे-कुर्सियां और बुजुर्गाें-बच्चाें के आराम के लिए दाे कमरे भी दिए जाते हैं.अजय भाई ने आगे बताया कि इस तरह के टेरेस टूरिज्म से न केवल मकान मालिकाें काे फायदा हाेता है, बल्कि आसपास के छाेटे व्यापारियाें काे भी फायदा हाेता है. नाश्ते के स्टाॅल, पतंग की डाेर बेचने वाले और घरेलू उद्याेग चलाने वाली महिलाएं (जाे बाजरे के बड़े या अन्य स्नैक्स बनाती हैं) भी इन दाे दिनाें के दाैरान 2,000 रुपए से 5,000 रुपए तक आसानी से कमा लेती हैं.