पिंपरी, 16 जनवरी (आ.प्र.) पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के चुनाव में बीजेपी ने फिर से स्पष्ट बहुमत हासिल किया. कुल 128 सीटों में से 85 सीटों पर जीत हासिल कर अजित पवार सहित अन्य दलों को मात दी. लगातार दूसरी बार जनता ने बीजेपी पर भरोसा जताया है. एनसीपी को केवल 37 सीटें मिलीं और शिवसेना शिंदे को 6 सीटों पर संतोष करना पड़ा. स्थानीय नेतृत्व का जादू दिखाई दिया. इस जीत की खुशी में बीजेपी ने जश्न मनाया, वहीं विपक्ष में हताशा दिखाई दी. पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की 128 सीटों के लिए शुक्रवार को हुई वोटों की गिनती में बीजेपी ने 85 सीटों पर बढ़त बनाकर शहर में अपना बिना किसी शक के दबदबा साबित कर दिया है. बीजेपी ने सत्ता के लिए जशरी संख्या आसानी से पार कर ली. भोसरी और चिंचवड़ क्षेत्रों में विपक्ष का पूरी तरह सफाया हो गया है. अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी सिर्फ 36 सीटों पर आगे रही. इसे मुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. इस बीच पूर्व महापौर, दो पार्टी शहराध्यक्ष, चार स्थायी समिति के अध्यक्ष और 22 पूर्व नगरसेवकों को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है.पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के चुनाव 15 जनवरी को हुए थे. इस चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए. साढ़े तीन वर्ष के प्रशासनिक राज के बाद मनपा चुनाव घोषित हुए थे, इसलिए उम्मीदवारों की संख्या बहुत अयादा थी. चुनाव में 692 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे. इस चुनाव में बीजेपी ने बिना किसी शक के सत्ता हासिल की है, इसलिए बीजेपी भारी बहुमत के साथ मनपा में सरकार बनाने जा रही है. एनसीपी की लॉटरी; बीजेपी शहराध्यक्ष को झटका प्रभाग नंबर-18 में, एनसीपी ने अचानक लॉटरी जीत ली और बीजेपी की टक्कर के बीच अनंत कोराले चुने गए, जबकि बीजेपी के सक्रिय सदस्य एवं पूर्व नगरसेवक मोरेश्वर शेंडगे बड़े अंतर से हार गए. इसे बीजेपी के पार्टी शहराध्यक्ष शत्रुघ्न काटे के लिए झटका माना जा रहा है, जिन्होंने मोरेश्वर शेंडगे के टिकट पर जोर दिया था. कम अंतर से जीतने वाले उम्मीदवार प्रभाग नंबर-19 क से एनसीपी उम्मीदवार सविता आसवानी 20 वोटों से हारीं, बीजेपी की जयश्री गावड़े जीतीं प्रभाग नंबर-19 ड से बीजेपी के मंदार देशपांडे 323 वोटों से जीते, एनसीपी के कालूराम पवार हारे प्रभाग नंबर-8 अ से सीमा सावले 256 वोटों से हारीं, बीजेपी उम्मीदवार कांबले जीते प्रभाग नंबर-27 ड से, एनसीपी के सागर कोकणे 600 वोटों से जीते, बीजेपी उम्मीदवार चंद्रकांत नखाते हारे.
इन पूर्व नगरसेवकों को हार का सामना करना पड़ा
इस चुनाव में देखा गया कि नागरिकों ने पूर्व नगरसवकों को पूरी तरह से नकार दिया है. इसमें नागरिकों ने 25 से अयादा नगरसेवकों को घर का रास्ता दिखाया है, जिनमें दो पार्टी शहराध्यक्ष, 5 पूर्व स्थायी समिति के अध्यक्ष और दो पूर्व नगरसेवक के पति-पत्नी शामिल हैं. इनमें पूर्व महापौर उषा उर्फ माई ढोरे, पूर्व स्थायी समिति अध्यक्ष अतुल शितोले, संतोष लोंढे, सीमा सावले, विलास मडिगेरी उषा वाघिरे, एनसीपी शरदचंद्र पवार पार्टी शहराध्यक्ष तुषार कामठे, मनसे के सचिन चिखले, आम आदमी पार्टी के रविराज काले के अलावा उषा मुंडे, मोरेश्वर भोंडवे, शीतल काटे, अश्विनी जाधव, लक्ष्मण सस्ते, बालासाहेब ओव्हाल, नारायण बहिरवड़े, मीनल यादव, कालूराम पवार और चंद्रकांता सोनकांबले जैसे पूर्व नगरसेवकों को हार का सामना करना पड़ा है.
एनसीपी को जोर का झटका धीरे से लगा
एनसीपी ने पिंपरीचिंचव ड मनपा के चुनाव में बड़ा जोर लगाया. उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड़ में डेरा डाला और एनसीपी के लिए जोरदार चुनाव प्रचार किया था. एक बड़े सोशल कैंपेन के जरिए चुनाव में बीजेपी के कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया गया था. हालांकि चुनाव में देखा गया कि लोगों ने इसे नजरअंदाज कर दिया. इस बीच, चुनाव से ठीक पहले एनसीपी के 22 नगरसेवक बीजेपी में शामिल हो गए, लेकिन फिर भी एनसीपी ने वर्ष 2017 के नतीजे बनाए रखे. वर्ष 2017 के पांच साल के चुनाव में एनसीपी ने 36 सीटें जीती थीं. इस पांच वर्ष के चुनाव में एनसीपी अपनी 36 सीटें बचाने में कामयाब रही है.