राज्य में गुरुवार 29 मनपाओं के लिए वाेटिंग हुई. वाेटिंग के तुरंत बाद आज यानी शुक्रवार काे गिनती हाेगी. लेकिन जब वाेटिंग का प्राेसेस चल रहा है, ताे कुछ राजनीतिक पार्टियां वाेटर्स की उंगलियाें पर लगी स्याही काे लेकर चुनाव आयाेग पर निशाना साधा. कई लाेग दावा कर रहे हैं कि उंगलियाें पर लगी स्याही वाेटिंग के तुरंत बाद मिटा दी जाती है. ठाकरे बंधु इसके लिए चुनाव आयाेग की आलाेचना की. इन आराेपाें के चलते, राज्य चुनाव आयाेग ने आखिरकार दाेपहर 3 बजे एक अर्जेंट प्रेस काॅन्फ्रेंस की. राज्य चुनाव आयाेग के आयुक्त दिनेश वाघमारे ने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस की और अपना पक्ष रखा. इस दाैरान उन्हाेंने कहा कि स्याही का कारण बताकर वाेटर्स में कन्फ्यूजन पैदा करने की काेशिश की जा रही है.राज्य चुनाव आयाेग काे आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बताया, राज्य चुनाव आयाेग 2011 से इन मार्कर पेन का इस्तेमाल कर रहा है.
इस इंक काे लगाने के बाद 10 से 12 सेकंड लगते हैं. इन 10 से 12 सेकंड के दाैरान वाेटर पाेलिंग स्टेशन में ही रहता है. एक बार यह इंक सूख जाए, ताे इसे किसी भी तरह से हटाया नहीं जा सकता. यह इंक अलग नहीं है. यह इंक वही इंक है जिसका इस्तेमाल केंद्रीय चुनाव आयाेग करता है.वाघमारे ने बताया, यह कन्फ्यूजन फैलाया जा रहा है. हम 2011 से इस इंक का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब हम मार्कर पेन के ज़रिए इंक का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसलिए, इस चुनाव में इस तरह का कन्फ्यूजन फैलाना गलत है.इसके अलावा, लाेकसभा और विधानसभा चुनाव में भी ऐसी शिकायतें की जाती हैं. इंकसूखने के बाद फैलती नहीं है. हम 2011 से काेरस कंपनी का इस्तेमाल कर रहे हैं. हम उसी कंपनी के मार्कर पेन का इस्तेमाल कर रहे हैं.
दिनेश वाघमारे ने चेतावनी दी, कुछ वाेटर बार-बार आते हैं. बार-बार आने वाले वाेटराें काे पूरी पहचान बताए बिना वाेट देने की इजाज़त नहीं है.बीएमसी बार-बार आने वाले वाेटराें से दाे पहचान पत्र मांग रहा है. पाेलिंग बूथ में पाेलिंग रिप्रेजेंटेटिव हाेते हैं, जाे उम्मीदवाराें के रिप्रेजेंटेटिव हाेते हैं, और वे उसी वार्ड से हाेते हैं. इसलिए, अगर काेई वाेटर दाेबारा वाेट देने आता है, ताे पाेलिंग स्टेशन उसके खिलाफ ज़रूर एक्शन लेगा. वाघमारे ने बताया, हम इंक वाले मामले की जांच करेंगे. एक झूठी बात फैलाई जा रही है कि इंक मिटाई जा सकती है.इस समय पत्रकाराें ने दिनेश वाघमारे से शिवसेना उबाठा प्रमुख उद्धव ठाकरे की आलाेचना के बारे में पूछा. इस पर उन्हाेंने कहा, सत्ता में बैठे लाेगाें की मदद करने का काेई सवाल ही नहीं है.चुनाव आयाेग बिना किसी भेदभाव के काम कर रहा है. हम किसी पसंदीदा टीम के साथ नहीं खेल रहे हैं. भ्रम पैदा करने की काेशिश की जा रही है.