मेहनत, अनुशासन और सेवा-भाव से सफलता मिलती है

इंजीनियरिंग, मेडिकल, वकालत, फिटनेस, शिक्षा, व्यवसाय से जुड़े लोगों ने व्यक्त की अपनी राय

    18-Jan-2026
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पुणे, 17 दिसंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
समाज की प्रगति केवल विचारों से नहीं, बल्कि उन लोगों से होती है जो अपने कर्म, मेहनत और अनुभव से दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं. छात्र जीवन से लेकर प्रोफेशनल करियर तक, इंजीनियरिंग, मेडिकल, वकालत, फिटनेस, शिक्षा, व्यवसाय और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े इन लोगों ने दै. आज का आनंद के लिए प्रो.रेणु अग्रवाल से बातचीत की. इन सभी की सोच भले अलग हो, लेकिन उद्देश्य एक ही है. ईमानदारी से आगे बढ़ना, परिवार को संबल देना और समाज को सकारात्मक दिशा दिखाना. यह उन लोगों की आवाज है, जो अपने कार्य से यह साबित करते हैं कि मेहनत, अनुशासन और सेवा- भाव से हर सपना साकार किया जा सकता है. प्रस्तुत है उनकी बातचीत के प्रमुख अंशप्रो. रेणु अग्रवाल (मो. 8830670849)
मेहनत, अनुशासन और सेवा-भाव से सफलता मिलती है
आंखें हमारा महत्वपूर्ण अंग मैं एक नेत्र रोग विशेषज्ञ हूं और बीड़ जिले में स्थित वेंकटेश नेत्रालय से जुड़ा हूं. मैं हर मरीज को यह समझाने का प्रयास करता हूँ कि आंखें हमारे शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए उनका विशेष ध्यान रखना आवश्यक है. आंखों के उपचार और ऑपरेशन में डॉक्टर के निर्देशों का पालन बहुत जरूरी होता है. जो विद्यार्थी डॉक्टर बनना चाहते हैं, उनके लिए अभ्यास, अनुशासन और सेवा-भाव अनिवार्य है. डॉक्टर का पेशा केवल आजीविका नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम है. मरीज के दिल से मिला आशीर्वाद ही हमारा सबसे बड़ा पुरस्कार है. -डॉ. राधेश्याम रमेशलालजी जाजू, बीड़
 
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कानून केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी
मैं पिछले कई वर्षों से वकालत के क्षेत्र में कार्यरत हूँ और मानता हूँ कि कानून केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है. एक सफल वकील बनने के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिकता, ईमानदारी और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस आवश्यक है. समाज में बढ़ते तनाव और विभाजन के दौर में न्याय, समानता और एकता का संदेश देना हम सभी का कर्तव्य है. कानून का सम्मान करें, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं और शांतिपूर्ण व कानूनी मार्ग से परिवर्तन लाएं. -एडवोकेट महेश एन. ढाके, अहिल्यानगर
 

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मोबाइल से दूरी बनाकर खेल मैदान से नाता जोड़ना आवश्यक
मैं पिछले दस वर्षों से वस्त्र व्यवसाय से जुड़ा हूं और साथ ही फिजिकल एजुकेशन में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त कर चुका हूं. कुछ वर्षों तक मैंने खेल शिक्षक के रूप में भी कार्य किया है. युवा पीढ़ी से मेरा आग्रह है कि मोबाइल से दूरी बनाकर खेल मैदान से नाता जोड़ें, ताकि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो. एक अच्छे इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है. दूसरों का सम्मान करना और विनम्रता से बात करना ही प्रगति की पहली सीढ़ी है. - मोहम्मद शरीफ नवाज
 
 
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कानूनी लड़ाइयों से समय, धन और रिश्तों का नुकसान
मैं बीस वर्षों से वकालत कर रहा हूँ और इस पेशे के माध्यम से समाज सेवा का अवसर मिला, जिससे मुझे आत्मसंतोष प्राप्त हुआ. शुरुआती दिनों में आर्थिक चुनौतियां थीं, लेकिन अनुभव के साथ काम और आय दोनों बढ़ते गए. आज मैं आर्थिक रूप से स्थिर हूं. मेरा मानना है कि छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद आपसी सहमति से सुलझाने चाहिए, क्योंकि कानूनी लड़ाइयों से समय, धन और रिश्ते तीनों का नुकसान होता है. प्रेम, समझदारी और संवाद में ही जीवन का सच्चा सुख है. -रामकिसन भाऊसाहेब पुंगले, जय भवानीनगर
 

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माता-पिता हमारे पहले गुरु होते हैं
मैं प्रथम वर्ष की छात्रा हूँ और मेरा लक्ष्य एक सफल इंजीनियर तथा कंटेंट क्रिएटर बनना है. मेरे लिए सफलता का अर्थ है ईमानदारी और मेहनत से लक्ष्य प्राप्त करना, परिवार को खुश रखना और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देना. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट क्रिएशन और वीडियो निर्माण से मेरी रचनात्मकता व संवाद क्षमता बढ़ती है. छात्र जीवन में अनुशासन, समय का सही उपयोग और नियमित अध्ययन अत्यंत आवश्यक है. माता-पिता हमारे पहले गुरु होते हैं और शिक्षक हमें सही दिशा दिखाते हैं. अध्यात्म और ईेशर में वेिशास से मुझे आत्म- शांति और सकारात्मक सोच मिलती है. मेरा संदेश है कि शिक्षा और निरंतर प्रयास से हर सपना साकार किया जा सकता है. -हर्षिता मनोज पाटनी, छत्रपति संभाजीनगर

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मेरा परिवार मेरी सबसे बड़ी ताकत
मैं एक फिटनेस और वेलनेस कोच हूं और लोगों को शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करना मेरा उद्देश्य है. मेरा परिवार मेरी सबसे बड़ी ताकत है, जो हर कदम पर सहयोग करता है. इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती लोगों की अनियमित दिनचर्या और जल्दी परिणाम की अपेक्षा होती है, जिसे मैं धैर्य, सरल उपायों और निरंतर मार्गदर्शन से दूर करने का प्रयास करती हूँ. सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेरणा देना मेरी दिनचर्या का हिस्सा है. मेरा संदेश है कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच से ही खुशहाल परिवार और सशक्त समाज का निर्माण होता है. -प्रियंका गजभिये, औरंगाबाद

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