बीएमसी के महापाैर पद पर अब पूरे देश की नजरें

    20-Jan-2026
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BMC 
 
बीएमसी के महापाैर पद पर अब पूरे देश की नजरें है. शिंदे काे मात देने सदन से अनुपस्थित रहकर शिवसेना यूबीटी द्वारा भाजपा का साथ देने की उम्मीद जताई जा रही है. बढ़ते तनाव के बीच फडणवीस ने दावाेस से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से फाेन पर बात की. मुंबई आने के बाद ही निर्णय पर सहमति बनायी जाएंगी.अगर महापाैर पद के लिए लाॅटरी सफल हाेती है, ताे एक नया दावा किया जा रहा है कि शिवसेना के उद्धव बालासाहेब ठाकरे बीएमसी चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार हाेंगे. इस मामले में ठाकरे गुट के पास दाे ऐसे ऑर्डर हैं जाे किसी भी पार्टी के पास नहीं हैं. इसी वजह से इस चर्चा ने ज़ाेर पकड़ लिया है. गाैरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने 2 दिन पहले बयान दिया था कि अगर भगवान चाहेंगे ताे उनका महापाैर हाेगा.
 
बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने सबसे ज़्यादा 89 सीटें जीती हैं. जबकि ठाकरे भाइयाें ने 71 सीटें जीती हैं. सत्ताधारी शिवसेना 29 सीटें जीतकर तीसरे नंबर पर आ गई है. अब चुनाव के बाद कार्रवाइके डर से एकनाथ शिंदे ने सभी शिवसेना नगरसेवक काे मुंबई के एक फाइव स्टार हाेटल में रखा है.इसी बैकग्राउंड में, राजनीतिक गलियाराें में चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट का मुंबई का महापाैर हाेगा. महापाैर पद के आरक्षण की लाॅटरी 22 जनवरी काे घाेषित की जाएगी. मुंबई की कुर्सी पर किस कैटेगरी का महापाैर बैठेगा? यह साफ हाे जाएगा. चुनाव से पहले नगरसेवकाें के लिए घाेषित आरक्षण में 2 सीटें अनुसूचित जनजाति यानी एसटी कैटेगरी के लिए आरक्षित हैं. इसके अनुसार, अनुसूचित जनजाति के लिए 2 वार्ड, 53 और 121 आरक्षित किए गए थे. इन दाेनाें वार्डाें में सभी पार्टियाें ने उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन दाेनाें जगहाें पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना के उम्मीदवार जीते.
 
इसलिए, अगर आरक्षण लाॅटरी में महापाैर का पद एसटी काे मिलता है, ताे यह तय है कि इस पर ठाकरे गुट का काेई उम्मीदवार बैठेगा. बीएमसी में बीजेपी और शिंदे गुट काे साफ बहुमत मिला है. लेकिन महापाैर किस पार्टी का हाेगा? इस मुद्दे पर दाेनाें पार्टियाें के बीच ज़बरदस्त खींचतान शुरू हाे गई है.अब जानकारी सामने आई है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री शिंदे से फाेन पर बात की है. इसलिए, यह साफ है कि मुंबई महापाैर पद का झगड़ा फडणवीस के दावाेस दाैरे से लाैटने के बाद सुलझ जाएगा.जैसे ही बीजेपी काे लगा कि शिंदे की मदद के बिना महापाैर बनाना नामुमकिन है, शिंदे ने अपने नगरसेवकाें काे मुंबई के एक फाइव-स्टार हाेटल में पहुंचा दिया.उसके बाद, उन्हाेंने ढाई साल के लिए महापाैर पद का प्रस्ताव देकर बीजेपी पर दबाव बनाने की काेशिश शुरू कर दी है. शिंदे की इस रणनीति के कारण मुंबई का महापाैर काैन हाेगा?