डेक्कन, 20 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) 1952 में स्थापित पुणे पीपल्स को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड अपने अमृत महोत्सवी वर्ष (75वें वर्ष) में प्रवेश कर रही है. इस उपलक्ष्य में शुक्रवार (23 जनवरी) को दोपहर 4 बजे गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस समारोह में अमृत महोत्सव के विशेष लोगो का अनावरण और ‘पुणे पीपल्स पुरस्कार' प्रदान किया जाएगा, ऐसी जानकारी बैंक के अध्यक्ष श्रीधर गायकवाड़ ने मंगलवार (20 जनवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. बताया गया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के लिए अनुकरणीय कार्य करने वाले ममाउली सेवा प्रतिष्ठानफ (अहिल्यानगर) के संस्थापक डॉ. राजेंद्र धामणे और डॉ. सुचेता धामणे को पुणे पीपल्स पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. राज्य के सहकारिता आयुक्त एवं सहकारी संस्था निबंधक दीपक तावरे और सावित्रीबाई फुले पुणे वेिशविद्यालय के प्र-कुलगुरु डॉ. पराग कालकर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे.प्रबंध समिति के अध्यक्ष एड. सुभाष मोहिते ने बताया कि बैंक की स्थापना वसंत पंचमी के मुहूर्त पर 31 जनवरी 1952 को छोटे उद्यमियों, व्यापारियों और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए की गई थी. अमृत महोत्सवी वर्ष की एक बड़ी उपलब्धि यह है कि बैंक का मुख्य कार्यालय अब स्वयं की स्वामित्व वाली इमारत में स्थानांतरित होने जा रहा है. बैंक के अध्यक्ष श्रीधर गायकवाड़ ने बैंक की वित्तीय सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले 17 वर्षों में बैंक का कुल व्यवसाय 400 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,750 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. 0% एनपीए और सदस्यों को 12 से 15 प्रतिशत की दर से लाभांश देना बैंक की प्रमुख विशेषताएं रही हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंक के उपाध्यक्ष बिपिनकुमार शाह, निदेशक सीए जनार्दन रणदिवे, बबनराव भेगड़े, सुभाष नडे, डॉ. रमेश सोनवणे, सुभाष गांधी, मिलिंद वाणी, वैशाली छाजेड़, निशा करपे, संजीव असवले, डॉ. वेिशनाथ जाधव, विशेषज्ञ निदेशिका ेशेता ढमाल, सीईओ संजय भोंडवे और अन्य सदस्य उपस्थित थे.