राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार के आकस्मिक निधन की खबर अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाली है. अपनी स्पष्टवादिता, प्रशासन पर मजबूत पकड़, जनता की समस्याओं की गहरी समझ और उन्हें सुलझाने की अद्भुत क्षमता रखने वाले अजित दादा पवार के निधन से महाराष्ट्र ने एक साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और लाेक-अभिमुख नेतृत्व खाे दिया है. ऐसी शाेक संवेदनाएं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने व्यक्त कीं. अजित दादा काे राजनीति के संस्कार अपने चाचा, वरिष्ठ नेता शरदचंद्र पवार से मिले थे.उनके मार्गदर्शन में काम करते हुए अजित दादा ने राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाई. काम के मामले में वे अत्यंत स्पष्ट, समयनिष्ठ, दृढ़ और निर्णय लेने में सक्षम थे. किसी भी दल का कार्यकर्ता हाे, उसकी मदद के लिए वे सदैव तत्पर रहते थे.