बारामती, 29 जनवरी (आ. प्र.) राज्य की राजनीति में दृढ़ निर्णय, साहसी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के दिलों से गहरा जुड़ाव रखने वाले उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम विदाई देते समय गुरुवार को बारामती में जनसैलाब का भावनात्मक सैलाब देखने को मिला. राजकीय सम्मान के साथ हजारों लोगों की उपस्थिति में आंसुओं से भरी आंखों के बीच अजितदादा का अंतिम संस्कार किया गया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित सभी दलों के नेताओं ने अंतिम संस्कार में उपस्थित रहकर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान एक ही नारा अजितदादा और अमर रहे अमर रहे अजितदादा अमर रहे के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा . महाराष्ट्र के लाडले ‘दादा' के रूप में पहचान बनाने वाले उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया था. गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर का बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के प्रांगण में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार स्थल पर तड़के से ही हजारों की संख्या में नेता, कार्यकर्ता, नागरिक और महिलाएं एकत्रित हो गई थीं. आंखों में आंसू, होठों पर नारे और मन में गहरा दुख लिए हृदयविदारक दृश्य हर ओर दिखाई दे रहा था.इसके अतिरिक्त विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले, प्रताप जाधव, रक्षा खडसे, विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलमताई गोरे, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, मंत्री छगन भुजबल उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल, मंत्री हसन मुश्रीफ, आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश, सांसद नीरज चंद्रशेखर, मंत्री गणेश नाइक, बाबासाहेब पाटिल, मकरंद पाटिल, दत्तात्रेय भरणे, पंकजा मुंडे, गिरीश महाजन, मंगलप्रसाद लोढा, संजय राठोड, कु. आदिति तटकरे, शंभूराज देसाई, जयकुमार गोरे, शिवेंद्रराजे भोसले, प्रो. डॉ. अशोक उइके, नरहरी झिरवाल तथा राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, मेघना बोर्डीकर और आकाश फुंडकर उपस्थित थे. प्रशासन की ओर से राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर राज्यभर से आए सांसद, विधायक, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक भी उपस्थित रहे और अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी. शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी पत्नी सहित पार्थिव शरीर के दर्शन कर पवार परिवार को सांत्वना दी. पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के साथ होमगार्ड, राज्य रिजर्व पुलिस बल तथा अन्य पुलिस बलों के कुल 9 हजार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से ग्रामीण पुलिस ने यह जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई. मात्र 24 घंटे के भीतर महाराष्ट्र पुलिस ने आपसी समन्वय से यह विशाल बंदोबस्त पूरा किया. पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, विनयकुमार चौबे, विशेष पुलिस महानिरीक्षक सुनील फुलारी सहित अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं इस पूरे बंदोबस्त पर नजर बनाए हुए थे. पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते स्वयं पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे थे. बारामती में आने वाले लाखों समर्थकों, चाहने वालों और अनेक गणमान्य व्यक्तियों के वाहनों की व्यवस्था करना, उन्हें विद्या प्रतिष्ठान स्थित अंतिम संस्कार स्थल तक निर्बाध पहुंच उपलब्ध कराना और साथ ही आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती थी. इसके लिए पुणे शहर पुलिस दल से पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, पुलिस निरीक्षक और जवानों सहित लगभग 800 कर्मियों की तैनाती की गई थी. पिंपरी चिंचवड पुलिस दल से पुलिस आयुक्त, 2 पुलिस उपायुक्त, 2 सहायक पुलिस आयुक्त, 10 पुलिस निरीक्षक, 23 सहायक पुलिस निरीक्षक, उपनिरीक्षक और जवानों सहित 450 कर्मियों का बल तैनात किया गया था.इसके अतिरिक्त ठाणे से भी पुलिस बल को बंदोबस्त के लिए बुलाया गया था. साथ ही बारामती आने और जाने वाले सभी मार्गों पर कहीं भी यातायात जाम न हो, इसके लिए आसपास के सभी जिलों के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात विभाग की तैनाती की गई थी .कई पुलिस अधिकारी और जवान पिछले 24 घंटों से रातभर इस पूरे बंदोबस्त की योजना और निगरानी में लगे हुए थे. गुरुवार दोपहर उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद भारी मन से उनके समर्थक वापस लौटने लगे. तब पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली.
दादा को विदाई देने वीवीआईपी पहुंचे
इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले, मुरलीधर मोहोल ने पुष्पचक्र अर्पित कर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी.
‘अजित दादा परत या'.. के नारों से गूंजा परिसर
इस दौरान पुलिस ने सलामी दी और हवा में गोलियां चलाई गईं . इसके बाद दोपहर सवा बारह बजे पुत्र पार्थ और जय ने मुखाग्नि दी . इस समय पवार परिवार सहित उपस्थित जनसमूह की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. ‘अजीत दादा परतया..परतया' के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा.
काटेवाड़ी से विद्या प्रतिष्ठान तक उमड़ा जनसैलाब
सुबह सात बजे फूलों से सजे रथ में अजितदादा के पार्थिव शरीर को उनके मूल गांव काटेवाड़ी अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया. इस समय पुत्र पार्थ पवार, जय पवार तथा पत्नी सांसद सुनेत्रा पवार उपस्थित थे. काटेवाड़ी में हजारों नागरिकों ने अंतिम दर्शन किए. सुबह साढ़े नौ बजे पार्थिव शरीर पुनः बारामती लाया गया. सुबह दस बजे शहर से निकली अंतिम यात्रा ठीक ग्यारह बजे विद्या प्रतिष्ठान के प्रांगण में पहुंची. वहां हजारों कार्यकर्ताओं ने अंतिम दर्शन किए. पार्थिव शरीर मैदान में पहुंचते ही लोगों का संयम टूट गया और कई लोग फूट फूटकर रो पड़े. सवा ग्यारह बजे मंत्रोच्चार के साथ अंतिम विधि की शुरुआत हुई. इस अवसर पर वरिष्ठ नेता शरद पवार, प्रताप पवार, भाई श्रीनिवास पवार, पुत्र पार्थ पवार, जय पवार, पत्नी सांसद सुनेत्रा पवार, सांसद सुप्रिया सुले, विधायक रोहित पवार सहित पवार परिवार के सदस्य उपस्थित थे.