मुंबई, 30 जनवरी (वि.प्र.) साेना और चांदी की कीमताें में शुक्रवार काे भारी गिरावट दर्ज की गई. लगातार तेज उछाल के बाद निवेशकाें की मुनाफा वसूली के चलते कीमती धातुओं के भाव अचानक टूट गए. मल्टी कमाेडिटी एक्सचेंज (एमसीए्नस) पर चांदी 67 हजार रुपये यानी 17 प्रतिशत गिर गई. 1 किलाे चांदी का भाव 3.32 लाख रुपये पर आ गया. हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी भी दर्ज की गई. एमसीए्नस पर साेने में भी शुक्रवार काे 15 हजार रुपये यानी 9 प्रतिशत की गिरावट रही. 10 ग्राम साेना 1.54 लाख रुपये पर आ गया था. हालांकि साेना बाद में थाेड़ा रिकवर हुआ. खबर लिखे जाने तक इसमें मामूली-उतार चढ़ाव जारी रहा. हालांकि ईटीएफ (ए्नसचेंज ट्रेडेड फंड) में साेने और चांदी के शुक्रवार काे 23 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है.
वहीं, सर्राफा बाजार में चांदी 22,825 रुपये और साेना 6,865 रुपये सस्ता हुआ है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसाेसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, एक किलाे चांदी की कीमत 3,57,163 रुपये किलाे पर आ गई है. वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट साेने का भाव 1,68,475 रुपये पर आ गया है. बता दें कि अलग-अलग राज्याें और शहराें में दाेनाें धातुओं की कीमताें में मामूली अंतर हाेता है. गुरुवार काे चांदी ने ऐतिहासिक तेजी दिखाते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलाे का स्तर पार किया था. काराेबार के अंत में इसका भाव 3,99,893 रुपये प्रति किलाे पर बंद हुआ था. वहीं, चांदी का लाइफ टाइम हाई स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलाे दर्ज किया गया था, जहां से एक ही दिन में करीब 44,148 रुपये की बड़ी गिरावट देखने काे मिली. वहीं साेने की कीमताें में भी तेज गिरावट दर्ज की गई. एमसीए्नस पर साेना खुलते ही करीब 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हाे गया.
गिरावट काे अवसर के ताैर पर देख रहे हैं विशेषज्ञ : विशेषज्ञ निवेशकाें काे सलाह दे रहे हैं कि इस गिरावट काे अवसर के ताैर पर देखा जा सकता है. विशेषकर औद्याेगिक मांग, जैसे कि साेलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण, साेना और चांदी अभी भी पाेर्टफाेलियाे में शामिल करने याेग्य संपत्ति हैं. निवेशक बड़े निवेश एक ही बार में करने के बजाय धीरेधीरे खरीदारी करें और अपने पाेर्टफाेलियाे का 5-10% हिस्सा कीमती धातुओं में रखें. सीनियर कमाेडिटी रिसर्च एनालिस्ट नीरपेन्द्र यादव का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, केंद्रीय बैंकाें की गाेल्ड खरीदारी और अपेक्षाकृत कम रियल ब्याज दराें के चलते साेना पाेर्टफाेलियाे हेजिंग और डाइवर्सिफिकेशन में अहम भूमिका निभाता रहेगा.