स्कूलाें में मुफ्त सैनेटरी पैड दिए जाएं सुप्रीम काेट

जजाें की बेंच द्वारा राज्य सरकाराें व केंद्र शासित प्रदेशाें काे निर्देश

    31-Jan-2026
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Supreme Court
 
नई दिल्ली, 30 जनवरी (वि.प्र./वार्ता) सुप्रीम काेर्ट ने शुक्रवार काे देश के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलाें काे निर्दे श दिया कि हर स्कूल में लड़कियाें काे मुफ्त में सैनेटरी पैड दें. जजाें की बेंच ने सुनवाई के दाैरान राज्य सरकाराें व केंद्र शासित प्रदेशाें काे निर्देश देते हुए कहा कि लड़के और लड़कियाें के लिए अलगअलग शाैचालय बनाने हाेंगे. जाे स्कूल ऐसा नहीं कर पाएंगे, उनकी मान्यता रद्द की जाएगी.
 
बता दें कि महिला कांग्रेस नेता जया ठाकुर की याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा. बेंच ने कहा-कक्षा 6 से 12वीं तक के लड़कियाें काे मुफ्त सैनेटरी पैड देना अनिवार्य हाेगा. बेंच ने सख्त निर्देश देते हुए कहा- जिस किसी स्कूल ने नियमाें का पालन नहीं किया ताे स्कूलाें की मान्यता रद्द कर दी जाएगी.
 
उन्हाेंने कहा- मासिक धर्म में स्वास्थ्य का अधिकार ‘फंडामेंटल राइट’ का हिस्सा है.इसके साथ ही काेर्ट ने सभी राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें काे निर्दे श दिया है कि हर स्कूल में दिव्यांगाें के अनुकूल (डिसेबल फ्रेंडली) टाॅयलेट बनाए जाएं. केंद्र सरकार की मासिक धर्म स्वच्छता नीति काे पूरे देश में लागू करने की मांग पर सुप्रीम काेर्ट में पिछले 3 सालाें से सुनवाई चल रही थी. काेर्ट ने शुक्रवार काे सिर्फ फैसला सुनाया है.
 
साेशल वर्कर जया ठाकुर ने 2024 में एक जनहित याचिका लगाई थी. उनकी मांग थी कि मेन्स्ट्रुयल हाइजीन पाॅलिसी काे पूरे देश में लागू किया जाए.