‘नवकार आर्ट फाउंडेशन' के फाउंडर चेयरमैन मनसुख छाजेड है. पांच साल पहले, उन्होंने नवकार आर्ट फाउंडेशन को उन कलाकारों के लिए एक खास प्लेटफॉर्म के तौर पर देखा था, जो दुनिया को अपनी कला दिखाने के मौकों से वंचि त रह गए थे. फाउंडेशन ने इस प्लेटफॉर्म के जरिए कई कलाकारों के सपने पूरे किए हैं. फाउंडेशन जरूरतमंद और काबिल कलाकारों को आगे आने और एक्सपर्ट्स से गाइडेंस लेकर कला को अगले लेवल तक सीखने के लिए बढ़ावा देता है. इस फाउंडेशन में फाउंडर मनसुख छाजेड़ के साथ संजय संचेती, कीर्ति ओसवाल, प्रतिभा दुगड़, रोशनी लुनावत नाहर और प्रेरणा ओस्तवाल शामील हैं, जिसमें भी शामिल हैं. फाउंडेशन द्वारा पिछले दस सालों में 11 वीं आर्ट एग्जिबिशन संपन्न हुई है. फाउंडेशन ने कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन आर्ट एग्जिबिशन भी लगाई और उनके लिए ऑनलाइन आर्ट वर्कशॉप भी किये. मनसुख छाजेड़ की उम्र 65 हैं और वे एक कंसल्टेंट के तौर पर काम करता हैं. उन्हें बचपन से ड्राइंग में बहुत दिलचस्पी थी, लेकिन घर के हालात के हिसाब से जिरमेदारियों के बोझ तले उस कला को पनपने का मौका नहीं मिला, एक दिन उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल का एक स्केच बनाया और अपने बच्चों से कहा कि, बचपन में ऐसे बहुत सारे स्केच बनाये थे, तभी उनके बच्चों ने यह शौक वापस शुरू करने के लिए हिम्मत दी और 59 साल की उम्र में उन्होंने तरह-तरह के स्केच बनाने शुरू किए. बाजार से आजादी के दीवानों से लेकर जानवरों और पक्षियों तक की किताबें खरीदीं, मधुबनी आर्ट से लेकर फ्रीहैंड ड्रॉइंग तक लगभग हर दिन नई तस्वीरें बनाते रहे. 61वें जन्मदिन 2014 में पर उनके बच्चों नेइन तस्वीरों की एक एग्जिबिशन लगाने का सुझाव दिया और मशहूर सटायरिकल पेंटर मंगेश तेंडुलकर के घर वे गये और उन्हें उनका बनाया स्केच दिया. उन्हें आर्ट के फील्ड में डेढ़ साल के सफर के बारे में बताया और स्केच गिरट किया और एग्जिबिशन की ओपनिंग पर बुलाया, उन्होंने पल भर में ही इनविटेशन मान लिया, और इस तरह आर्ट एग्जिबिशन शुरू हुई. इसके बाद अलग-अलग आर्टिस्ट के साथ एग्जिबिशन लगाई, नए आर्टिस्ट से मिलता रहे, लेकिन एक दिन वे मुकीम तंबोली, जेधे सर और सुभाष संचेती जैसे आर्टिस्ट से मिले, जिन्होंने उनको गुरु की तरह गाइड किया और मेरी आर्ट को और भी बेहतर बनाने में मेरी मदद की. सुभाष संचेती ने मुझे केमिकल आर्ट से इंट्रोड्यूस कराया और उन्होंने केमिकल आर्ट से हजारों पेंटिंग बनाईं, जिन्हें 2017 में बालगंधर्व में एग्जिबिशन किया. इस एग्जिबिशन में उन्होंने नैना पाड़िया नाम की लड़की की पेंटिंग भी लगाई थी जो उनके दोस्त की बेटी थी. वह अपनी कला को दुनिया के सामने दिखाने के इस एहसास से बहुत खुश थी. इसके बाद मनसुखजी को ख्याल आया कि, समाज में ऐसे कई कलाकार छिपे हैं और क्यों न उन्हें अपनी कला दिखाने का मौका दिया जाए. सोशल मीडिया की मदद से ‘नवकार आर्ट ग्रुप' बनाया गया और जैन समाज के कलाकारों को ग्रुप में शामिल होने का मौका दिया गया. धीरे-धीरे इस ग्रुप में 40 से अयादा कलाकार जुड़ गए, यह ग्रुप 7 साल से लेकर 70 साल तक के कलाकारों के लिए खुला था, क्योंकि कला के क्षेत्र में उम्र की कोई सीमा नहीं होती.
कलाकारों को बढ़ावा देना फाउंडेशन का उद्देश्य इस ग्रुप के कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए पिछले दस सालों से एग्जिबिशन लगाई जाती है. 2018 में बालगंधर्व कलादलन में एक एग्जिबिशन लगाई जिसमें महाराष्ट्र से 37 कलाकारों ने दुनिया के सामने अपनी कला दिखाई. रोज नए आर्टिस्ट इस ग्रुप में आर्ट के अलग-अलग नए मीडियम के साथ जुड़ रहे हैं. हाल ही में 2025 में 11वी आर्ट एग्जिबिशन संपन्न हुई है इस के लिए कलाकारों से कोई शुल्क नहीं होता, उनको बढ़ावा देना ही उद्देश्य है.