जैन संस्कृति का जतन करने वाला ‌‘अरिहंत जागृती मंच'

    08-Jan-2026
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जैन धर्म का स्वतंत्र अस्तित्व अबाधित रखना और जैन धर्म की अस्मिता के बारेमें लोगों को जागृत करना इस उद्देश से ‌‘अरिहंत जागृती मंच' की स्थापना 19 दिसंबर 2004 को हुई. जैन धर्म, समाज, इतिहास, संस्कृति, परंपरा और पूजनीय व्यक्तियों के बारेमें कोई गैर, गलत, भ्रामक अन्यायकारक कथन प्रकाशित हुआ, व्यक्त हुआ तो उसी के बारेमें सप्रमाण उचित जानकारी ‌‘मंच' की ओरसे दी जाती है. जहां आवश्यक हो वहां पत्रव्यवहार किया जाता हैं. जैन समाज के, विशेष कार्य करने वाले बॅ. वीरचंद जी गांधी की जयंती राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाये, कर्मवीर भाऊराव जी पाटील को ‌‘भारतरत्न' पुरस्कार घोषित कर के सन्मानित किया जाये यह ‌‘मंच' की मांग हैं. इस दिशा में ‌‘मंच' की कोशिश जारी है. जैन धर्म प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, किसी अन्य धर्म की शाखा या पंथ नहीं. इस वास्तविकता से जैन तथा जैनेतर समाज को अवगत किया जाये इस मुख्य उद्देश्य से ‌‘अरिहंत जागृती मंच' द्वारा ‌‘जैन धर्म प्राचीन स्वतंत्र धर्म' यह पुस्तिका मराठी भाषा में (प्रति 6000) फरवरी 2024 में प्रकाशित की. इस पुस्तिका को समाज में काफी सराहना मिली. इसकी हिंदी आवृत्ति (प्रति 10,000) अप्रैल 2025 में प्रकाशित की गई. महावीर जन्मकल्याणक के दिन केंद्र तथा राज्य सरकार छुट्टी घोषित करने के बाद भी कुछ अंग्रेजी माध्यम के स्कुल में छुट्टी नहीं दी जाती. हमारे प्रयास से पुणे में गये साल तीन अंग्रेजी माध्यम के स्कुल में छुट्टी दी गई. ऐसे सभी स्कुल मे छुट्टी दी जाये इस लिये हम प्रयास कर रहे है. जैन धर्म में होने वाले विविध गतिविधियां को अधोरेखित कर उस पर काम करना ‌‘मंच' का प्रयास 21 वर्षो र्ं से सफलता पूर्वक हो रहा है. समाज में रूढ होती जा रही अनिष्ट परंपरा को छेदकर उसे सही रास्ता दिखानाही ‌‘मंच' का उद्देश है.
 
अंग्रेजी में ‌‘लॉर्ड' नहीं ‌‘तीर्थंकर' का प्रयोग करें
तीर्थंकरोंके लिये अंग्रेजी भाषा मे ‌‘लॉर्ड' शब्द का प्रयोग करना उचित नहीं, ‌‘तीर्थंकर' यही शब्द प्रयोग करना चाहिये, इसके लिए ‌‘मंच'द्वारा प्रचार किया जा रहा है.  
 
आठ साल से निबंध प्रतियोगिता जारी ‌
‘अरिहंत जागृती मंच' द्वारा अनेक प्रासंगिक कार्य के साथ हर साल निबंध प्रतियोगिता, परिसंवाद, चर्चासत्र आदि कार्यक्रम समाज जागृति के उद्देश्य से आयोजित किये जाते हैं. सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ के ‌‘सेठ हिराचंद नेमचंद जैन अध्यासन केंद्र' सदा कार्यरत रहे, इसके लिए ‌‘अरिहंत जागृती मंच' के सदस्य प्रयत्नशील रहते है. भ. महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर ‌‘मंच' अपने उद्देश्य से संबंधित विषयों पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन गत 8 सालोंसे लगातार करता आ रहा है. प्रतियोगिता में पुरे देशभर से निबंध आते हैं.