रक्षा क्षेत्र के लिए एआई आधारित परियोजना

प्रोजेक्ट के समीक्षा कार्यक्रम में चीफ इंजीनियर उमेश कुमार ने मार्गदर्शन किया

    01-Oct-2026
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Defence 
पुणे, 30 सितंबर (आज का आनंद न्यूज़ नेटवर्क)
भारती विद्यापीठ अभिमत विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग काॅलेज और भारत सरकार की मिलिटरी इंजीनियरिंग सर्विसेज (एमईएस) के सहयाेग से रक्षा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का उपयाेग करने वाली परियाेजना का प्रस्तुतीकरण किया गया. यह परियाेजना फ्लाे एपीआईएस प्रा. लि. और भारती विद्यापीठ अभिमत विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग काॅलेज के सूचना प्राैद्याेगिकी विभाग के बीच हुए सहयाेग समझाैते के तहत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित फ्लाे एआई इनाेवेशन एंड रिसर्च लेबाेरेटरी के माध्यम से संचालित की गई.
 
इस परियाेजना में 2 मेगावाट क्षमता वाले ऑफ-ग्रिड साेलर माइक्राेग्रिड का अध्ययन किया गया. इस परियाेजना के समीक्षा कार्यक्रम में पुणे के चीफ इंजीनियर एवं जाॅइंट डायरेक्टर जनरल (पर्साेनेल एंड ट्रेनिंग) तथा असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (डिजाइन एंड कंसल्टेंसी) उमेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. उनके साथ आईडीएसई अधिकारी ब्रजेन्द्र कुमार, डायरेक्टर (डिजाइन) तथा मितेश बरकले, डायरेक्टर (डिजाइन) उपस्थित थे.
 
प्राचार्य डाॅ. राजेश प्रसाद, सूचना प्राैद्याेगिकी विभाग की प्रमुख डाॅ. साेनाली माली तथा परियाेजना के क्रियान्वयन में मार्गदर्शन करने वाले डाॅ. मिलिंद गायकवाड़ भी इस अवसर पर उपस्थित थे. ऋषिकेश गिरपुंजे ने शाेध से संबंधित तुलनात्मक अध्ययन और परियाेजना की भविष्य की संभावनाओं का प्रस्तुतीकरण किया. कार्यक्रम का समन्वय साेमेश सिंह ने किया. डाॅ. गजानन भाेले ने आभार व्यक्त किया.
 
उमेश कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में आलाेचनात्मक और तार्किक साेच के महत्व काे रेखांकित किया. डाॅ.राजेश प्रसाद ने कहा कि फेयर लैब के माध्यम से शैक्षणिक क्षेत्र की क्षमताओं काे सरकारी और औद्याेगिक समस्याओं से जाेड़ने का कार्य किया जा रहा है.