नई दिल्ली, 30 सितंबर (वि.प्र.)
आखिरकार वाेटर रजिस्ट्रेशन फाॅर्म -6 से अतिर्नित घाेषणापत्र हटाया गया. इस तरह चुनाव आयाेग काे यूटर्न लेना पड़ा. चाराें तरफ से घिरने व भारी दबाव के चलते चुनाव आयाेग ने अपना फैसला बदला. इसमें पूछा गया था-्नया 2003 में आपके माता-पिता वाेटर थे, लाेगाें के पास रिकाॅर्ड नहीं थे, जवाब नहीं दे पा रहे थे.
विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार यह बदलाव मंगलवार देर रात एउखछएढ पाेर्टल पर किया गया. चुनाव आयाेग ने 26 सितंबर काे इसका ऐलान किया था.
हालांकि, जिन राज्याें में एसआईआर जारी है, वहां फाॅर्म 6 में यह घाेषणा अब भी दिख रही है. एक रिपाेर्ट के मुताबिक, दाे चुनाव आयुक्ताें विवेक जाेशी और सुखबीर सिंह संधू ने इस पर आपत्ति जताई थी.
यह मुद्दा तब विवाद का विषय बन गया जब पता चला कि संधू और जाेशी ने फाॅर्म 6 से जुड़े बदलावाें पर आपत्ति जताई थी. फाॅर्म 6 वह कानूनी फाॅर्म है जिसका इस्तेमाल याेग्य नागरिक वाेटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन करने के लिए करते हैं. जाेशी ने फाॅर्म में बदलावाें पर इस आधार पर आपत्ति जताई थी कि ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960’ के तहत तय फाॅर्म में नियमाें में संशाेधन किए बिना बदलाव नहीं किया जा सकता. संधू भी उनसे सहमत थे.