नई दिल्ली, 30 सितंबर (वि.प्र./वार्ता)
केंद्र द्वारा 1.86 लाख कराेड़ के ग्रीन एनर्जी काॅरिडाेर काे मंजूरी दे दी है. गेहूं सहित 6 रबी फसलाें की एमएसपी बढ़ाने का भी कैबिनेट में फैसला लिया है. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. उन्हाेंने कहा- किसानाें काे इसमें लाभ मिलेगा. किसानाें काे सस्ती खाद देने के लिए 41,533 कराेड़ रुपये की सब्सिडी भी मंजूर की गई है. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘ग्रीन एनर्जी काॅरिडाेर’ याेजना काे मंजूरी दे दी है. इस पहल का उद्देश्य राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें की इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम काे मजबूत करना है, जिससे 135 जीडब्ल्यू तक की नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी और ग्रिड में एकीकरण संभव हाे सकेगा. सत्र 2027-28 के लिए स्वीकृत नई दराें के अनुसार, गेहूं का एमएसपी बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हाे गया है, जाे 2026- 27 में 2,585 रुपये था. जाै का एमएसपी 2,150 रुपये से बढ़कर 2,286 रुपये, चने का 5,875 रुपये से बढ़कर 5,958 रुपये, मसूर का 7,000 रुपये से बढ़कर 7,390 रुपये, सरसाें का 6,200 रुपये से बढ़कर 6,613 रुपये तथा कुसुम का मूल्य 6,540 रुपये से बढ़कर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि कुसुम (सैफलावर) के मूल्य में 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है, जिसके बाद सरसाें (रेपसीड व मस्टर्ड) के मूल्य में 413 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ाेतरी दर्ज की गई है.
इसके अलावा मसूर के मूल्य में 390 रुपये, जाै में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है. वैष्णव ने बताया कि आगामी रबी सत्र में किसानाें काे एमएसपी याेजना के तहत 90,962 हजार कराेड़ रूपये किसानाें के जेब मे पहुंचेंगे.