आकुर्डी, 30 सितंबर (आ.प्र.) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वास्तुकला (आर्किटेक्चर) क्षेत्र में बहुत कड़ी प्रतिस्पर्धा है. हालांकि, भारत में भी वास्तुकला के क्षेत्र में कई अवसर उपलब्ध हैं. जहां कमी होती है, वहां अवसर पैदा होते हैं, इसी का लाभ उठाकर अपना कॅरियर बनाएं, यह मार्गदर्शन वरिष्ठ वास्तुकार और अंतर्राष्ट्रीय लैंडस्केप डिजाइनर डॉ. महेश नामपुरकर ने दिया. पिंपरी चिंचवड़ एजुकेशन ट्रस्ट (पीसीईटी) के एस. बी. पाटिल कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन (एसबीपीसी) में वर्ष 2025-26 के बैचलर ऑफ आर्किटेक्ट के सफल विद्यार्थियों का प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया था. इस अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, पुणे सेंटर के चेयरमैन आर्किटेक्ट शितेश अग्रवाल, एसबीपीसीओएडी की प्राचार्या डॉ. स्मिता सूर्यवंशी, सफल विद्यार्थी और प्राध्यापक उपस्थित थे. कार्यक्रम में नामपुरकर ने कहा, वास्तुशास्त्र एक बेहद खूबसूरत पेशा है. विद्यार्थियों में सीखने और जो चाहते हैं उसे हासिल करने का जुनून होना चाहिए. यह क्षेत्र आपको स्वतंत्रता और सामर्थ्य देता है. साथ ही, आप कहां बसना चाहते हैं, इसका चयन करने की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है. यह देश सेवा करने का एक बहुत अच्छा क्षेत्र है.