गुरुग्राम, 30 सितंबर (वि.प्र.)
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वाटिका लिमिटेड (वैटिका समूह) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अनिल भल्ला और प्रमाेटर गाैतम भल्ला काे गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी साेमवार 28 सितंबर काे धन शाेधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई. उन पर आवासीय भूखंडाें की धाेखाधड़ी और गैर-वितरण का आराेप है. ईडी ने यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकियाें के आधार पर की है. गिरफ्तारी के बाद आराेपियाें काे मंगलवार 29 सितंबर काे गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 3 अ्नटूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है.
ईडी की जांच में सामने आया कि 2010 से 2012 के बीच सात खरीदाराें ने वाटिका लिमिटेड काे लगभग 260 कराेड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया था. यह भुगतान गुरुग्राम में वाटिका इंडिया नेक्स्ट और वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 परियाेजनाओं में आवासीय भूखंडाें के लिए था. 2014 और 2015 में भूखंड-वार समझाैते किए गए थे. इसके बाद परियाेजना के लेआउट में बदलाव किया गया. मूल रूप से आवंटित भूखंडाें काे फिर से नंबर दिए गए या स्थानांतरित कर दिया गया.
परियाेजना की भूमि काे अलग-अलग खरीदाराें काे आवंटित और बेचा जाता रहा. वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 में लगभग 1.10 लाख वर्ग गज के भूखंडाें में से एक भी भूखंड वितरित नहीं किया गया है. इन भूखंडाें का मूल्य लगभग 90 कराेड़ रुपये था और 14 साल बाद भी इनका वितरण नहीं किया गया है. वाटिका इंडिया नेक्स्ट में भी केवल आंशिक वितरण हुआ है.