ओस्लाे, 9 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
नाॅर्वे की नाेबेल समिति ने 2026 का नाेबेल शांति पुरस्कार भारतवंशी नवनीतम नवी पिल्लै काे देने का ऐलान किया है. उन्हें शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून काे मजबूत करने के लिए यह सम्मान दिया जाएगा.
दक्षिण अफ्रीका में जन्मीं पिल्लै ने रंगभेद के खिलाफ लड़ने वाले नेल्सन मंडेला समेत कई लाेगाें का कानूनी बचाव किया था.
उन्हाेंने युद्ध अपराध और नरसंहार के दाेषियाें काे सजा दिलाने की दिशा में भी अहम काम किया है. पिल्लै ने 1973 में याचिका दायर कर राॅबेन आइलैंड जेल में बंद राजनीतिक कैदियाें काे वकीलाें की मदद लेने का अधिकार दिलाया. इनमें नेल्सन मंडेला भी शामिल थे. हालांकि कैदी के ताैर पर उनकी मंडेला से कभी मुलाकात नहीं हुई. बाद में जब मंडेला राष्ट्रपति बने ताे उन्हाेंने 1995 में नवी पिल्लै काे दक्षिण अफ्रीका के हाई काेर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी. नाेबेल के बाकी पुरस्कार स्वीडन में दिए जाते हैं, लेकिन शांति का नाेबेल नाॅर्वे की राजधानी ओस्लाे में दिया जाता है. इसकी वजह करीब 130 साल पुरानी है.यह व्यवस्था खुद अल्फ्रेड नाेबेल ने अपनी वसीयत में तय की थी.