अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस पर पुणे में रचा गया इतिहास

डॉ. आचार्य प्रणाम सागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में हजारों श्रावकों ने एक स्वर में किया भक्तामर अनुष्ठान

    11-Oct-2026
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पुणे, 10 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस के अवसर पर पुणे के डीपी रोड़ स्थित पंडित फार्म पर ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ. वेिश संत, ‌‘भक्तामर वाले बाबा‌’ डॉ. आचार्य श्री 108 प्रणामसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में हजारों की संख्या में उपस्थित जैन श्रावक- श्राविकाओं ने एक साथ, शुक्रवार (9 अक्टूबर) को सुबह 9 मिनट और 9 सेकंड पर एक स्वर में भक्तामर अनुष्ठान कर भक्ति, आस्था और सामूहिक साधना की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की. श्रद्धालुओं की एकाग्रता, सामूहिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा ने पूरे आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि भक्तामर स्तोत्र के प्रति श्रद्धा, आत्मवेिशास, संस्कार और आध्यात्मिक जागरण का सामूहिक उद्घोष था. एक संत का संस्कार, साधक के जीवन में परिवर्तन की प्रेरणा थी. इस अवसर पर जैन समाज और जैनेतर समाज के गणमान्य उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में आचार्यजी ने कहा कि, जब कोई संत किसी पाषाण पर मंत्रों का न्यास और अंकन करता है, तो वही पाषाण परमात्मा की प्रतिमा के रूप में प्रतिष्ठित होने की दिशा में आगे बढ़ता है, इसी प्रकार, जब कोई संत उपवास, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन के साथ भक्तों को भक्तामर के विशेष काव्यों, मंत्रों और संस्कारों का ज्ञान प्रदान करता है, तो वह साधक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, आत्मवेिशास और आध्यात्मिक जागृति का आधार बन सकता है. भक्तामर भक्त कल्याण महोत्सव ने भक्तामर साधना के प्रति समाज की सामूहिक आस्था और सहभागिता को एक नया आयाम प्रदान किया. हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और एक साथ अनुष्ठान में सहभागिता ने आयोजन को विशेष पहचान दी.