नई दिल्ली, 11 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
दिल्ली में ज्ञानेशकुमार के खिलाफ लगातार दूसरे दिन रविवार काे भी प्रदर्शन जारी रहा. भारी तनाव के बीच नेहा बाेरा समेत काॅकराेच जनता पार्टी के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं काे पुलिस ने हिरासत में लिया है.
करीब 23 घंटे बाद हिरासत से रिहा हाेने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके केंद्र पर भड़कते हुए कहापीएम के ताैर पर माेदी देश के लिए शर्म की बात है. उन्हाेंने कहा-तानाशाही के अंत की शुरुआत अब हाे चुकी है. वहीं सीजेपी के साैरवदास ने कहा-सरकार प्रदर्शनकारियाें की गलत छवि पेश कर रही है. ज्ञानेश काे बचाने के लिए देश में डर का माहाैल बना रहे हैं. ज्ञानेश के पास काैन सा राज है कि सरकार उन्हें बचा रही है. वाराणसी में हारते माेदी काे कहीं ज्ञानेश ने ताे नहीं जिताया है ? अभिषेक रांका ने कहा- हमें फ्लाइट से किडनैप किया, सरकार अपने ही लाेगाें से जंग लड़ रही है. नरेंद्र माेदी सबसे कायर प्रधानमंत्री साबित हुए. उन्हाेंने कहा-ज्ञानेश के इस्तीफे तक आंदाेलन जारी रहेगा. काॅकराेच जनता पार्टी ने कहा- देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं और सरकार अपने ही लाेगाें से जंग लड़ रही है.
अभिजीत दीपके, अशुताेष रांका और साैरव दास करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा हुए. दादी के निधन के कारण अभिजीत दीपके महाराष्ट्र स्थित घर रवाना हाे गए. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग काे लेकर दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा.
दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं. 100 प्रदर्शनकारियाें काे हिरासत में लिया गया. साैरव दास ने कहा- हमसे कहा गया कि एक साल तक शांति भंग नहीं हाेनी चाहिए, लेकिन शांति भंग करने का काम पीएम माेदी, अमित शाह और ज्ञानेशकुमार ने किया है. दास ने कहा- हम पीछे नहीं हटेंगे. हम सभी नागरिकाें से अपील करते हैं कि वे सड़काें पर उतरें. हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. हमें जहां राेका जाएगा, हम वहीं प्रदर्शन करेंगे. आशुताेष रांका ने कहा- हम चार पूर्व मुख्यमंत्रियाें अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनराई विजयन के आभारी हैं, जाे कल सड़काें पर उतरे. हमें उम्मीद है कि सभी संगठन और राजनीतिक दल भविष्य में भी एकजुट हाेकर यह लड़ाई जारी रखेंगे. रांका ने कहा- आज भी सीजेपी के कई साथियाें काे हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई.
पिछले कुछ दिनाें में आईएसएफ के कई सदस्याें काे भी हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट हुई. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रदर्शनकारियाें के खिलाफ कार्रवाई के आदेश किसने दिए थे. उन्हाेंने कहा कि सरकार काे बताना चाहिए कि ऐसे आदेश क्याें जारी किए गए. सिंह ने आराेप लगाया कि पुलिस ने भाजपा के लाेगाें काे नहीं राेका, जबकि प्रदर्शन के दाैरान युवाओं के साथ गलत व्यवहार किया गया. रत्ना सिंह ने कहा कि घर लाैटने के बाद भी सरकारी अधिकारी उनके घर के नीचे खड़े रहे.