हिंजवड़ी का जाम खत्म करने 2,782 करोड़ की विकास योजना

आईटी कंपनियों को मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए 6 वैकल्पिक सड़कों का प्रस्ताव

    12-Oct-2026
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Hinjewadi
पिंपरी, 11 अक्टूबर (आ.प्र.)
हिंजवड़ी में यातायात जाम काे कम करने के लिए पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) ने 2,782 कराेड़ 72 लाख रुपये की सड़क विकास प्रारूप याेजना काे तैयार किया है. इसमें 6 प्रमुख वैकल्पिक सड़कें, मेट्राे मार्ग के साथ सड़काें का विकास और मेट्राे स्टेशनाें से आईटी कंपनियाें तक पहुंचने के लिए आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं.
 
हिंजवड़ी जाने वाले वाहनाें के कारण भुजबल चाैक, भूमकर चाैक, लक्ष्मी चाैक, विट्ठल रुक्मिणी चाैक और ताथवड़े इलाकाें में भारी यातायात जाम लग जाता है. इस वजह से आईटी कर्मचारियाें और स्थानीय नागरिकाें काे प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ती है. इस याेजना का उद्देश्य एक मुख्य सड़क पर यातायात जाम काे कम करना और वाहनाें के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है. पीएमआरडीए ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में यह याेजना प्रस्तुत की.
 
प्रस्तावित 6 प्रमुख सड़काें की अनुमानित लागत 1,756 कराेड़ 71 लाख रुपये है. इनमें सूर्या हाॅस्पिटल-साखरे वस्ती, सूर्या हाॅस्पिटल-ठाकर वस्ती, ठाकर वस्ती-मान गावठाण, नंदे-मान, शनि मंदिर-मारुंजी (वाकड़ में) और मेजा-1 हाेटल-लक्ष्मी चाैक-मारुंजी-काेलते पाटिल गेट शामिल हैं.
 
नांदे-मान और मेजा-1 हाेटल से लक्ष्मी चाैक तक की सड़काें की चाैड़ाई 36 मीटर प्रस्तावित है इन सड़काें के लिए भूमि अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण कदम हाेगा.
 
मेट्राे से उतरने वाले यात्रियाें की आईटी कंपनियाें तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अलग से याेजना बनाई गई है. मेट्राे लाइन और स्टेशनाें से संबंधित 27.6 किलाेमीटर सड़काें के लिए 479 कराेड़ रुपये की याेजना तैयार की गई है. इसमें फुटपाथ, साइकिल पथ, स्ट्रीट लाइट, बस स्टाॅप, रिक्शा स्टाॅप और भूमिगत सेवा चैनलाें के लिए जगह उपलब्ध कराने की याेजना है.
 
कार्यान्वयन की लगेगी कसाैटी इस याेजना से प्रमुख चाैराहाें पर यातायात जाम कम हाेने और आईटी कंपनियाें काे वैकल्पिक सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है. हालांकि, इसके वास्तविक लाभ प्राप्त करने के लिए भूमि अधिग्रहण, पीएमआरडीए और एमआईडीसी सहित संबंधित विभागाें के बीच समन्वय और कार्य का समय पर पूरा हाेना आवश्यक है. इसलिए, नागरिकाें और आईटी कर्मचारियाें का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि याेजना का कार्यान्वयन कब शुरू हाेगा और कितनी तेजी से हाेगा.