स्मार्ट सिटी के खंभों पर विज्ञापनों की भरमार

पैदल मार्ग के "स्मार्ट खंभे" बने अवैध निजी फ्लेक्सबाजी के केंद्र

    12-Oct-2026
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पिंपले गुरव, 11 अक्टूबर (आ.प्र.)
नागरिकाें काे विश्वस्तरीय की सुविधाएं मिलें और शहर का चेहरा-माेहरा बदले, इस उद्देश्य से मनपा के ‘स्मार्ट सिटी’ प्राेजेक्ट के अंतर्गत कराेड़ाें रुपये की बर्बादी की गई.
 
हालांकि, प्रशासन की अनदेखी के कारण इन स्मार्ट सुविधाओं काे अब अवैध विज्ञापनाें ने जकड़ लिया है. पिंपले गुरव स्थित कल्पतरू साेसायटी के पास बने पैदल मार्ग के ‘स्मार्ट खंभे’ वर्तमान में निजी फ्लेक्सबाजी का केंद्र बन गए हैं, जिससे मनपा के साैंदर्यीकरण का उद्देश्य व्यर्थ साबित हाे रहा है. स्मार्ट सिटी अभियान के अंतर्गत पिंपले गुरव क्षेत्र के पैदल मार्गाें का साैंदर्यीकरण कर वहां आकर्षक डिजाइन की बिजली की लाइटें और आधुनिक तकनीक से लैस ‘स्मार्ट पाेल’ खड़े किए गए थे, लेकिन माैजूदा स्थिति में इनमें से कुछ ‘स्मार्ट पाेल’ से लाइटें गायब हाेने का चाैंकाने वाला मामला सामने आया है. विशेष रूप से, स्मार्ट सिटी के खंभाें पर विभिन्न विज्ञापनाें के बड़े-बड़े फ्लेक्स लगाए गए हैं. लाखाें रुपये खर्च कर विकसित किए गए इस परिसर का उपयाेग अब केवल निजी व्यावसायिक विज्ञापनाें के लिए हाे रहा है, जिससे पैदल मार्गाें का पूरी तरह विद्रूपीकरण हाे गया है.
 
टै्नसपेयर्स के पैसाें की बर्बादी पिंपले गुरव क्षेत्र की शाेभा बढ़ाने के लिए नागरिकाें के टै्नस के लाखाें रुपये के फंड काे इस प्राेजेक्ट पर खर्च किया गया था. हालांकि, इसी जगह बिजली की लाइटाें की दुर्दशा और खंभाें पर चाराें तरफ लटक रहे अवैध फ्लेक्स काे देखकर नागरिकाें में भारी राेष है. साैंदर्यीकरण के नाम पर बनाई गई ये सुविधाएं क्या निजी कंपनियाें और सेल्स ऑफिस के विज्ञापनाें के लिए हैं, ऐसा सवाल अब उठाया जा रहा है.
 
नागरिकाें द्वारा कार्रवाई की मांग क्षेत्र के साैंदर्य काे वापस लाने के लिए प्रशासन तुरंत एक विशेष अभियान चलाकर खंभाें पर लगे अवैध विज्ञापनाें के फ्लेक्स और सेल्स ऑफिस के बाेर्डाें काे तुरंत हटाए. साथ ही, गायब हुई लाइटाें काे दाेबारा लगाया जाए और ऐसी घटनाएं दाेबारा न हाें, इसके लिए संबंधित विज्ञापनदाताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग पिंपले गुरव के नागरिकाें द्वारा की जा रही है.