मना करने के बाद भी मेट्रो बंद करने से सुप्रीम कोर्ट नाराज

सुनवाई के बाद केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस, मेट्रो को नोटिस भेजा

    12-Oct-2026
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SC
नई दिल्ली, 11 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
बंद न करने के आदेश के बाद भी मेट्राे बंद करने से सुप्रीम काेर्ट नाराज हाेते हुए अधिकारियाें काे नाेटिस जारी किया. रविवार काे सुनवाई के बाद शीर्ष काेर्ट ने केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस मेट्राे काे नाेटिस भेजा.
 
इसके साथ ही उन्हें दाे दिनाें के अंदर जवाब देने का आदेश दिया है. काेर्ट ने कहा-मेट्राे-इंटरनेट बहाल करें, शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर ए्नशन न लें. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेशकुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन के दाैरान 10 अक्टूबर काे दिल्ली में मेट्राे स्टेशन बंद करने के मामले में सुप्रीम काेर्ट ने रविवार काे अधिकारियाें काे नाेटिस जारी किया. जस्टिस जाॅयमाल्य बागची और जस्टिस वी. माेहना की पीठ ने कथित अवमाननाकर्ताओं से हलफनामा दाखिल करने काे कहा है. अदालत ने पूर्व आदेश के अनुपालन की रिपाेर्ट भी मांगी. पीठ ने मेट्राेरेल सेवाएं सामान्य रखने, इंटरनेट बाधित नहीं करने, बैरिकेड्स की समीक्षा और लाेगाें की आवाजाही सुगम बनाने के निर्देश दिए.
 
अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गाेविंद माेहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्राे रेल काॅरपाेरेशन की अध्यक्ष डी. थारा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी. याचिका में आराेप था कि नाै अक्टूबर काे सुप्रीम काेर्ट के सार्वजनिक परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाने संबंधी निर्देश के बावजूद 10 अक्टूबर काे मेट्राे स्टेशन बंद रखे गए. सुनवाई में साॅलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 303 में से 45 मेट्राे स्टेशन बंद किए गए थे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4,157 ट्रेन यात्राएं संचालित हुईं.