\लाेनावला, 12 अक्टूबर (आ.प्र.)
लाेनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कुसगाववाड़ी (कुसगांव बुद्रुक) में 18 साल पहले शराब के लिए पैसे न देने पर शराबी पति ने पत्नी के शरीर पर केराेसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया था. इस सनसनीखेज वारदात के बाद से फरार आराेपी काे लाेनावला ग्रामीण पुलिस ने आखिरकार 18 साल बाद गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. मृतक महिला का नाम लता लिंबाजी साेगेवाड़ (उम्र 25 वर्ष) था.
गिरफ्तार आराेपी का नाम लिंबाजी नामदेव साेगेवाड़ (उम्र 58 वर्ष, नि. कुसगांववाड़ी, मूल नि. महातपुर, परभणी) है. पुलिस के अनुसार, 1 मार्च 2008 काे आराेपी ने पत्नी से शराब के लिए पैसाें की मांग की थी. पत्नी द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर गुस्से में आकर आराेपी ने किचन में रखे केराेसिन के कैन से तेल पत्नी पर उड़ेल दिया और उसे आग के हवाले कर दिया. इस गंभीर घटना में महिला की जलकर माैत हाे गई थी, जिसके बाद आराेपी माैके से फरार हाे गया था. इस पुराने मामले की नए सिरे से जांच के लिए परिवीक्षाधीन पुलिस उप अधीक्षक व प्रभारी अधिकारी भूषण माने और सहायक पुलिस निरीक्षक विजया म्हेत्रे के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई थी.
इसमें जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक नाथा केकाण, केतन तलपे और गाेकुल खेड़कर शामिल थे. जांच के दाैरान पुलिस उपनिरीक्षक नाथा केकाण काे मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि आराेपी अपना नाम और पता बदलकर परभणी जिले के महातपुर गांव में रह रहा है. सूचना मिलते ही लाेनावला ग्रामीण पुलिस की टीम ने परभणी जाकर स्थानीय पुलिस की मदद से आराेपी लिंबाजी साेगेवाड काे धर दबाेचा. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक नाथा केकाण कर रहे हैं.