पुणे, 12 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पुणे के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में कार्यरत कंपनियों के माध्यम से डेढ़ लाख करोड़ के निर्यात का आंकड़ा पार हो चुका है. यह जानकारी एसईजेड पुणे क्लस्टर की संयुक्त विकास आयुक्त मितल हिरेमठ ने शनिवार को दी. ‘शिखाज कारीगरी’ और केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों की कला, हस्तकला, वस्त्रोद्योग, फैशन और जीवनशैली की समृद्ध विरासत को एक ही छत के नीचे लाने वाले ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत फैशन एंड लाइफस्टाइल एक्सपो 2026’ पहल के अवसर पर एसईजेड और निर्यात संबंधी अवसर विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया था. उस समय मितल हिरेमठ ने उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया. मितल हिरेमठ ने कहा पुणे में हिंजवड़ी, खराड़ी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 22 विशेष आर्थिक क्षेत्र कार्यरत हैं. वहां सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र से लेकर फार्मा, इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग कार्यरत हैं और वे बेहतरीन काम कर रहे हैं. इसीलिए पुणे से डेढ़ लाख करोड़ के निर्यात का आंकड़ा पूरा हुआ है. उन्होंने बताया विशेष आर्थिक क्षेत्र में आने वाले उद्योगों को सरकार द्वारा विशेष छूट दी जाती है, जिसमें मुख्य रूप से कर में छूट, जीएसटी में छूट जैसी कई बातें शामिल हैं.
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मितल हिरेमठ ने कहा विशेष आर्थिक क्षेत्र में आने वाले उद्योगों के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है. बढ़ रहे निर्यात के कारण हमें आयात पर कम निर्भर रहना पड़ रहा है. यहां आने वाले उद्योगों को सरकार प्रोत्साहन दे रही है, उन्हें उचित अवसर उपलब्ध कराने के लिए आगे आ रही है. भविष्य में अधिक से अधिक उद्योग यहां आकर व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे, तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इसकी मदद मिलेगी. कार्यक्रम में शामिल हुए उद्यमियों की शंकाओं का भी उन्होंने निवारण किया.