नई दिल्ली, 13 अ्नटूबर (वि.प्र.)
अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशाें के सबसे गरीब 10 प्रतिशत लाेग भी भारत के सबसे अमीर 10 प्रतिशत लाेगाें की तुलना में अधिक दैनिक खर्च करते हैं. विश्व बैंक के आंकड़ाें से यह चाैंकाने वाली आर्थिक असमानता सामने आई है. विश्व बैंक की 2025 की ‘पाॅवर्टी एंड इनइक्वालिटी प्लेटफाॅर्म’ रिपाेर्ट के आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनाैती पेश करते हैं. भारत के सबसे गरीब 10 प्रतिशत लाेगाें का औसत दैनिक खर्च प्रति व्यक्ति लगभग 3 डाॅलर है. वहीं अमेरिका में यह आंकड़ा 25 डाॅलर और फ्रांस में 31 डाॅलर है.
जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के सबसे गरीब 10 प्रतिशत लाेगाें का दैनिक खर्च लगभग 28 डाॅलर है. दूसरी ओर, भारत के सबसे अमीर 10 प्रतिशत लाेगाें का औसत दैनिक खर्च लगभग 10 डाॅलर है. अमेरिका में यह 173 डाॅलर, जबकि कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में लगभग 128 डाॅलर तथा जर्मनी में 126 डाॅलर तक पहुंचता है. भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. इसके बावजूद विकसित देशाें की तुलना में भारतीय नागरिकाें की औसत खर्च करने की क्षमता काफी कम है. विश्व बैंक के अनुसार, भारत के सबसे अमीर 10 प्रतिशत लाेगाें का दैनिक खर्च भी कनाडा, अमेरिका, जापान, दक्षिण काेरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशाें के सबसे गरीब 10 प्रतिशत लाेगाें के खर्च से कम है. ये आंकड़े बताते हैं कि किसी देश की अर्थव्यवस्था का आकार और उसके नागरिकाें का वास्तविक जीवनस्तर अलग-अलग हाे सकते हैं. भारत के सामने अब केवल आर्थिक विकास की गति बढ़ाने की नहीं, बल्कि आम नागरिकाें की आय, क्रयशक्ति और जीवनस्तर में सुधार लाने की भी बड़ी चुनाैती है.