पिंपले साैदागर, 13 अ्नटूबर (आ.प्र.)
पिंपले साैदागर के निवासियाें ने पिंपरी-चिंचवड़ मनपा पर एक निजी बिल्डर काे करदाताओं के पैसे से बने सार्वजनिक पार्क का इस्तेमाल परिवहन मार्ग के रूप में करने की अनुमति देने का आराेप लगाया है, जिससे टहलने वालाें, बच्चाें और वरिष्ठ नागरिकाें की जान जाेखिम में पड़ गई है. मनपा के उद्यान और सिविल इंजीनियरिंग विभागाें ने भारी वाहनाें जिनमें निर्माण वाहन, रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) मिक्सर, ट्रक और डंपर आदि काे लीनियर गार्डन के बीच से गुजरने की अस्थायी अनुमति दी है. इस उद्यान काे ‘द वेस्टफाेर्ड’ तक जाने का रास्ता बना दिया गया है, ये खेमचंद भाेजवानी की मेसर्स साई समर्थ कंस्ट्रक्शन और एम.बी.एम. डेवलपर्स द्वारा विकसित की जा रही एक आवासीय परियाेजना है.
कई कराेड़ रुपये की लागत से विकसित इस पार्क का उपयाेग हर सुबह और शाम सैकड़ाें निवासी करते हैं, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं जाे यहां टहलते हैं, व्यायाम करते हैं और साइकिल चलाते हैं. निवासियाें का कहना है कि भारी वाहनाें ने पार्क की सड़काें, पैदल मार्गाें, साइकिल ट्रैक और हरियाली काे नुकसान पहुंचाया है और हाल के दिनाें में यातायात भारी हाे गया है. नागरिकाें ने क्षेत्र में भारी वाहनाें से जुड़ी पूर्व में हुई दुर्घटनाओं पर भी चिंता जताई है, जिनमें दाे से तीन लाेगाें की जान जाने की बात कही जा रही है. उन्हें डर है कि ऐसी घटना दाेबारा न हाे जाए. प्रदूषण की चिंताएंनिवासियाें का कहना है कि जिस स्थान पर ताजी हवा हाेनी चाहिए थी, वहां अब डीजल का धुआं और सीमेंट की धूल फैली रहती है. वे यह भी आराेप लगाते हैं कि यह परियाेजना निर्माण स्थलाें के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड के नियमाें की धज्जियां उड़ा रही है, जिससे आसपास के इलाके में भारी शाेर और वायु प्रदूषण हाे रहा है.
महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस के सचिव एडवाेकेट उमेश खंदारे ने कहा पार्क प्रभावी रूप से टहलने की जगह नहीं रहा है. जब हमें इस पर चलने में डर लगता है ताे हम इसे सड़क कैसे कह सकते हैं? उन्हाेंने कहा वाॅकेवे और साइकिल ट्रैक नष्ट हाे गए हैं. उन्हाेंने आराेप लगाया कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड के नियमाें की अनदेखी की जा रही है और अधिकारियाें ने बिल्डर के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया है. क्षेत्र में भारी वाहनाें से जुड़ी पिछली दुर्घटनाओं की ओर इशारा करते हुए, जिनमें कुछ लाेगाें की जान जाने की खबर है, खंदारे ने सवाल उठाया कि उद्यान विभाग अभी भी यह अनुमति कैसे दे सकता है. उन्हाेंने पूछा उद्यान विभाग ने यह अनुमति कैसे दी? पिंपरी-चिंचवड़ मनपा काे काेर्ट में घसीटेंगे पार्क साफ हवा के लिए हाेता है, लेकिन सीमेंट की धूल और डीजल का धुआं पूरे दिन यहां की हवा काे भर देता है, उन्हाेंने कहा ध्वनि प्रदूषण ने पार्क की शांति काे नष्ट कर दिया है. खंदारे ने चेतावनी देते हुए मांग की है कि मनपा प्रशासन तुरंत परियाेजना की सीनाजाेरी काे राेके और अस्थायी अनुमति रद्द करे.
अन्यथा, हम मनपा काे काेर्ट में घसीटेंगे. ‘हमारा टैक्स का पैसा कहां जा रहा है?’ एक स्िानीय रहवासी ने प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया. उसने कहा, हम ईमानदारी से अपना टैक्स भरते हैं. क्या यह पैसा नागरिकाें की सुविधा के लिए है या बिल्डराें की जेब भरने के लिए? बच्चे यहां साइकिल चलाते हैं और वरिष्ठ नागरिक टहलते हैं. ऐसी जगह पर भारी वाहन लाकर प्रशासन आखिर क्या हासिल करना चाहता है?