आकुर्डी, 13 अ्नटूबर (आ.प्र.)
पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के क्षेत्र में औद्याेगिक विकास काे गति देने के साथ ही उद्यमियाें काे आ रही तकनीकी व प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘पीएमआरडीए’ की ओर से विशेष ‘फैसिलिटेशन सेंटर’ शुरू किया जाएगा. महानगर आयुक्त डाॅ. अभिजीत चाैधरी ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे औद्याेगिक प्रस्तावाें पर कार्रवाई अधिक त्वरित, सुगम और पारदर्शी हाेगी.
डाॅ. अभिजीत चाैधरी की अध्यक्षता में ‘पीएमआरडीए’ के आकुर्डी स्थित मुख्यालय में औद्याेगिक संगठनाें के पदाधिकारियाें के साथ मंगलवार, 13 अ्नटूबर काे एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में अतिरिक्त महानगर आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, संबंधित विभागाें के प्रमुख व अधिकारी, तथा चाकण, हिंजवडी, रांजणगांव, तलेगांव, पिरंगुट एवं अन्य औद्याेगिक क्षेत्राें के संगठनाें के पदाधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में विकास अनुमति, फायर एनओसी, बीपीएमएस प्रणाली की समस्याएं, शुल्क दरें, आवश्यक दस्तावेज, जाेनिंग ओपिनियन और विभिन्न लंबित औद्याेगिक प्रस्तावाें पर विस्तृत चर्चा की गई. औद्याेगिक प्रस्तावाें पर कार्रवाई काे अधिक पारदर्शी बनाने के लिए 100 प्रतिशत ऑनलाइन बीपीएमएस प्रणाली के माध्यम से ही प्रक्रिया लागू किए जाने की बात डाॅ. चाैधरी ने स्पष्ट की. बीपीएमएस प्रक्रिया के दाैरान उद्यमियाें और आर्किटेक्ट्स काे आने वाली समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए ‘पीएमआरडीए’ के अधिकारियाें और बीपीएमएस प्रतिनिधियाें के समन्वय से ‘फैसिलिटेशन सेंटर’ कार्यान्वित किया जाएगा. साथ ही, शुल्क विवरण, आवश्यक दस्तावेजाें की सूची और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी औद्याेगिक संगठनाें काे उपलब्ध कराने के निर्देश भी महानगर आयुक्त ने संबंधित विभागाें काे दिए हैं.