पुणे, 14 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी में आयोजित आठवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि किर्लोस्कर ऑयल इंजिन्स की उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गौरी किर्लोस्कर ने अपने संबोधन में कहा, स्नातक विद्यार्थियों को अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लेने, विश्वसनीयता विकसित करने और केवल पद या आर्थिक सफलता को ही जीवन का मापदंड न मानने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, करियर की राहें और परिस्थितियां बदलती रहती हैं, इसलिए जीवन की योजना का दबाव न लें. महत्वाकांक्षी और जिज्ञासु बनें, आत्मवेिशास के साथ विनम्रता विकसित करें. सफलता का असली अर्थ पद और प्रसिद्धि से परे दूसरों के वेिशास, अच्छे संबंधों और समाज में दिए गए योगदान से तय होता है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वेिशविद्यालय के अध्यक्ष भरत अग्रवाल ने एआई के दौर में मानवीय मूल्यों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में सहानुभूति, स्पष्ट संवाद, विश्वसनीयता और नेतृत्व जैसे मानवीय कौशल ही विद्यार्थियों को अलग पहचान दिलाएंगे. कुलपति प्रो.(डॉ.) मुकुंद कुलकर्णी ने अतिथियों का स्वागत किया और वेिशविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक व अनुसंधान उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. समारोह में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विधि, फार्मेसी, डिजाइन, मानविकी, वास्तुकला और मीडिया सहित आठ संकायों के कुल 1636 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि 15 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई. इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रो.डॉ. वासुदेव गाडे, कुलसचिव प्रो. डॉ. केदार संत, परीक्षा नियंत्रक प्रो.डॉ. तुषार जाधव, प्राध्यापक और अभिभावक उपस्थित थे.