यूपी सहित 17 राज्यों में वोटरलिस्ट अपडेट होगी

एसआईआर को लेकर गहराते विवाद व किरकिरी के बाद चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

    16-Oct-2026
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UP 
नई दिल्ली, 15 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
यूपी-एमपी सहित 17 राज्याें में वाेटरलिस्ट अपडेट हाेगी. यह जानकारी गुरुवार काे ऐलान करते हुए चुनाव आयाेग ने दी. एसआईआर काे लेकर गहराते विवाद व किरकिरी के बाद चुनाव आयाेग का बड़ा फैसला माना जा रहा है. यह अभियान 1 जनवरी 2027 तक चलेगा.
 
चुनाव आयाेग ने कहा कि वाेटरलिस्ट की गड़बड़ी या त्रुटियां दूर की जाएगी. पात्र नए मतदाताओं का नाम जाेड़ा जाएगा, केंद्र शासित प्रदेशाें में भी एसएसआर (विशेष संक्षिप्त संशाेधन) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
 
इसमें वाे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव हाेना हैं. चुनाव आयाेग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गाेवा सहित इन राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें के मुख्य निर्वाचन अधिकारियाें काे एक पत्र लिखा है, जिसमें आयाेग ने बताया कि एक जनवरी 2027 ‘पात्रता तिथि’ मानी जाएगी. यह रिवीजन अंडमान और निकाेबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गाेवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में लागू हाेगा.
 
आयाेग ने कहा कि जिन राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां एसएसआर का कार्यक्रम बाद में घाेषित किया जाएगा. चुनाव आयाेग के एसआईआर कराने का क्या मकसद? चुनाव आयाेग के मुताबिक, इस एसएसआर का मकसद पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार वाेट डालने वालाें काे मतदाता सूची में शामिल करना है और इसकी एंट्री में सुधार करना और इसमें संशाेधन काे और बेहतर बनाना है. यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 काे खत्म हाे रहा है. वहीं 60-सदस्यीय मणिपुर, 40-सदस्यीय गाेवा, 117-सदस्यीय पंजाब और 70-सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखाें पर खत्म हाेगा. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत निर्वाचन आयाेग काे यह अधिकार है कि वह कार्यकाल समाप्त हाेने से छह महीने पहले चुनाव करा सकता है.