सारसबाग, 16 अक्टूबर (आ.प्र.) पुलिस बल की महिला अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात पुणे के नागरिकों की सुरक्षा के लिए कार्यरत रहती हैं. पुलिस बल की नौकरी भागदौड़ से भरी और चुनौतीपूर्ण होती है. इस नौकरी के साथ-साथ वे घर की जिम्मेदारी बखूबी संभालती हैं. पुरुषों के वर्चस्व वाले पुलिस क्षेत्र में कर्तव्य निभा रही महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का योगदान पुरुषों से एक कदम आगे है, इन शब्दों में पुलिस संयुक्त आयुक्त संजय दराडे ने प्रशंसा की. वे सारसबाग स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर की ओर से कर्तव्यनिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान समारोह के पर बोल रहे थे. कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त तेजस्वी सातपुते, सहायक पुलिस आयुक्त अनिता मोरे, नूतन पवार, नम्रता देसाई, स्वप्ना बोकील, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक स्मिता वासनिक, अेिशनी सातपुते, माया देवरे, रुणाल सुनीता नवले, प्रियंका गोरे, सहायक पुलिस निरीक्षक शरयू देशमुख, संजना काकडे और यातायात शाखा के पुलिस कर्मियों (अमलदार) का सम्मान किया गया. इस अवसर पर श्री महालक्ष्मी मंदिर ट्रस्ट की प्रमुख ट्रस्टी अमिता राजकुमार अग्रवाल, उत्सव प्रमुख डॉ. तृप्ति भरत अग्रवाल, ट्रस्टी भरत अग्रवाल, एडवोकेट प्रताप परदेशी, प्रवीण चोरबेले, हेमंत अर्नालकर, युवराज लाहोटी और विशाल सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित थे. संजय दराडे ने कहा, पुलिस बल में पिछले 20 वर्षों से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण है. पुलिस बल में कर्तव्य का स्वरूप चुनौतीपूर्ण है और 24 घंटे सतर्क रहना पड़ता है. ऐसी स्थिति में भी महिला पुलिस अधिकारी परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए विभाग का कर्तव्य पूरा करती हैं. प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित करने का अवसर भरत अग्रवाल ने कहा, नवरात्रोत्सव में देवी की आराधना की जाती है. इस अवसर पर समाज की सुरक्षा के लिए समर्पित इन प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ. यदि महिलाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिले, तो वे पुरुषों से भी आगे निकल सकती हैं.
श्री महासरस्वती को स्फटिक माला और श्री महाकाली को रुद्राक्ष माला अर्पित सारसबाग स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में आदिशक्ति के तीन रूपों - श्री महाकाली, श्री महालक्ष्मी और श्री महासरस्वती - की स्थापना की गई है. इन तीनों देवियों का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशेष है. यहां आयोजित सार्वजनिक नवरात्रोत्सव के अवसर पर भक्तिमय वातावरण में श्री महासरस्वती देवी के चरणों में पवित्र स्फटिक माला, तथा श्री महाकाली देवी के चरणों में रुद्राक्ष माला अर्पित की गई. ज्ञान, विद्या, बुद्धि और पवित्रता की प्रतीक श्री महासरस्वती देवी को स्फटिक की माला अर्पित की गई. स्फटिक को पवित्रता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. वहीं दूसरी ओर, शक्ति, साहस और दुष्ट प्रवृत्तियों के विनाश की प्रतीक श्री महाकाली देवी को रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई. हिंदू धर्म-परंपरा में रुद्राक्ष का विशेष आध्यात्मिक महत्व है और इसका भगवान शिव से गहरा संबंध माना जाता है. नवरात्र के पवित्र अवसर पर देवी के चरणों में अर्पित की गई यह मालाएं श्रद्धा, भक्ति और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की झलक प्रस्तुत करती है.सारसबाग स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में चल रहे सार्वजनिक नवरात्रि उत्सव में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर देवो के दर्शन करें.