पुणे, 16 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पुणे शहर और महानगरीय क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक जाम को हल करने के लिए अब प्रतिष्ठित संस्थान, भारतीय प्रबंध संस्थान, मुंबई (आईआईएम) की मदद ली जाएगी. केंद्रीय सहकारिता और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की पहल पर संस्थान ने शहर की परिवहन प्रणाली और परिवहन सुविधाओं का समग्र अध्ययन करने के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. इस संबंध में, संस्थान के विशेषज्ञों की पुणे में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्राथमिक बैठक हुई है और वैज्ञानिक तरीके से यातायात समस्याओं के दीर्घकालिक उपाय सुझाने की दिशा में पहला कदम उठाया गया है. पुणे शहर और महानगरीय क्षेत्र में बढ़ती यातायात समस्याओं की पृष्ठभूमि में मोहोल ने 28 सितंबर को आईआईएम मुंबई के निदेशक प्रो. मनोज कुमार तिवारी को एक पत्र भेजा था. उन्होंने अनुरोध किया था कि शहर की परिवहन प्रणाली को केवल स्वतंत्र परियोजनाओं के रूप में न देखकर, पूरे महानगरीय क्षेत्र की एक एकीकृत परिवहन प्रणाली के रूप में अध्ययन किया जाना चाहिए. आईआईएम मुंबई ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. इस पत्र के अनुसार, आईआईएम मुंबई के प्रोफेसरों और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की आज प्राथमिक बैठक हुई. राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, अपर पुलिस आयुक्त मनोज पाटिल, ट्रैफिक शाखा के पुलिस उपायुक्त डॉ. संदीप भाजीभाकरे, पुणे मनपा सड़क विभाग के मुख्य अभियंता राजेश बनकर, ट्रैफिक प्लानर निखिल मिजार, आईआईएम की ओर से ले. कमांडर (सेवानिवृत्त) निशा सिंह, प्रो. राकेश राउत, प्रो. रवींद्र गोखले, प्रो. रोजी मित्रा के साथ-साथ महामेट्रो, लोक निर्माण विभाग, पीएमआरडीए, एनएचएआई, आरटीओ, एमएसआईडीसी, पीएमपीएमएल के प्रतिनिधि उपस्थित थे. यह बैठक यातायात समस्याओं के स्वरूप, अध्ययन के दायरे और आगे की कार्रवाई की दिशा तय करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगी. पुणे महानगरीय क्षेत्र की आबादी लगभग एक करोड़ है, और आने वाले तीन दशकों में इसके दो करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. शहर में पंजीकृत वाहनों की संख्या 2018 में 52 लाख से बढ़कर 2026 में 81 लाख हो गई है. रोजाना 1,300 से अधिक वाहन जुड़ने से सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है. मुरलीधर मोहोल ने कहा इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में ट्रैफिक जाम को हल करने और एकीकृत परिवहन नियोजन को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं, और इस संबंध में यह वैज्ञानिक अध्ययन महत्वपूर्ण होगा. मोहोल ने कहा शहर की प्रमुख सड़कों, ट्रैफिक जाम वाले स्थानों, सिग्नल सिस्टम, सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो नेटवर्क और प्रस्तावित रिंग रोड पर सामूहिक रूप से विचार करना आवश्यक है. वर्तमान में, ट्रैफिक पुलिस, मनपा और अन्य एजेंसियों द्वारा सिग्नल समन्वय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से यातायात विश्लेषण और प्रमुख मार्गों पर यातायात में सुधार के लिए विभिन्न उपाय लागू किए जा रहे हैं. हालांकि, वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दीर्घकालिक नियोजन की आवश्यकता है. आईआईएम मुंबई ऑपरेशंस रिसर्च, ट्रैफिक मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में देश का एक अग्रणी संस्थान है. इसके विशेषज्ञों के सहयोग से, पुणे की परिवहन प्रणाली में कमियों का अध्ययन करके उपलब्ध बुनियादी ढांचे के प्रभावी उपयोग और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपाय सुझाए जाएंगे.