4 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को फांसी की सजा

मालेगांव फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी विजय खैरनार को मरने तक फांसी पर लटकाने का फैसला सुनाया

    17-Oct-2026
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Malegaon 
मालेगांव, 16 अक्टूबर (वि.प्र.)
मालेगांव की एक फास्ट ट्रैक काेर्ट ने चार साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के सनसनीखेज मामले में दाेषी विजय खैरनार काे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ मानते हुए मरने तक फांसी पर लटकाए जाने की सजा सुनाई है. यह झकझाेर देने वाली घटना 16 नवंबर 2025 काे हुई थी, जब आराेपी ने चाॅकलेट का झांसा देकर मासूम काे अपनी हवस का शिकार बनाया और उसकी हत्या कर दी थी. इस नृशंस घटना के बाद पूरे राज्य में भारी आक्राेश फैल गया था और दाेषियाें काे जल्द से जल्द फांसी देने की मांग उठी थी. तत्कालीन स्थिति की गंभीरता काे देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक काेर्ट में चलाकर सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया था, जाे अब अदालत के इस कड़े फैसले से पूरा हुआ है.
 
शुक्रवार काे मालेगांव की एक अदालत ने विजय खैरनार काे नवंबर 2025 में महाराष्ट्र के नासिक जिले के डाेंगराले गांव में चार साल की बच्ची के याैन उत्पीड़न और हत्या के मामले में माैत की सजा सुनाई , अदालत ने इस अपराध काे दुर्लभतम मामला करार दिया. विशेष लाेक अभियाेजक उज्ज्वल निकम ने कहा कि अदालत ने सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता और खैरनार की संलिप्तता साबित करने वाले परिस्थितिजन्य साक्ष्याें पर विचार किया. उन्हाेंने कहा कि अदालत ने दाेषी की गरीबी और निरक्षरता काे नरमी बरतने का आधार नहीं माना. अभियाेजन पक्ष ने मुकदमे के दाैरान 24 गवाहाें से पूछताछ की. फैसला 225 पन्नाें का है.
अपराध की गंभीरता के साथ-साथ, उसकी संलिप्तता साबित करने वाले परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी माैजूद थे, निकम ने कहा.
 
उन्हाेंने आगे कहा कि अभियाेजन पक्ष काे उम्मीद है कि बाॅम्बे उच्च न्यायालय और सर्वाेच्च न्यायालय मामले का शीघ्र निपटारा करेंगे ताकि सजा काे क्रियान्वित किया जा सके. यह मामला 16 नवंबर, 2025 की घटना से संबंधित है, जब मालेगांव तालुका के डाेंगराले गांव में अपने घर के पास खेलते समय एक लड़की लापता हाे गई थी. बाद में उसका शव एक माेबाइल टावर के पास नाले में मिला.