कारोबार में पूंजी, तकनीक और बाजार का अपना महत्व है, लेकिन ग्राहकों और समाज का भरोसा ऐसी पूंजी है, जो मुश्किल समय में भी रास्ते खोलती है. उद्यमियों को अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के साथ बदलते समय के अनुरूप खुद को लगातार नया बनाना होगा. पुणे के जीएसटी कमिश्नर नीरज कंसल ने अग्रवाल समाज पुणे द्वारा आयोजित प्रवाह-2026 बिजनेस एक्सपो के उद्घाटन पर मुख्य अतिथि के रुप में यह विचार रखते हुए सफलता को सामाजिक प्रगति से जोड़ने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि सफलता किसी व्यक्ति के जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं है, बल्कि मेरा मानना है कि एक कदम और आगे बढ़ते हुए सोच से संकल्प, संकल्प से प्रयास, प्रयास से सफलता और सफलता से समाज की प्रगति तक हमारा सफर होना चाहिए. व्यापार, उद्योग, स्वास्थ्य, महिला उद्यमिता और नेटवर्किंग के साथ नई पीढ़ी को जोड़ने के व्यापक उद्देश्य से यह बिजनेस एक्सपो डेक्कन कॉलेज ग्राउंड में 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित किया गया है. उद्घाटन अवसर पर सम्माननीय अतिथियों के रूप में नागपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति विशाल अग्रवाल, पुणे की पोस्टमास्टर जनरल प्रीति अग्रवाल और दानवीर, उद्योगपति तथा क्रिएटिव कार्व के पवन सराफ के साथ अग्रवाल समाज पुणे के अध्यक्ष ईेशरचंद गोयल, समाज के सचिव संजय (प्रिंस) अग्रवाल और द्वारका जालान उपस्थित थे. दीप प्रज्ज्वलन और महाराजा अग्रसेन की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ समारोह की शुरुआत हुई. इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा महाराजा अग्रसेन की तस्वीर वाला विशेष ‘माई स्टैम्प’ जारी किया गया. अग्रवाल समाज पुणे के अध्यक्ष ईश्वरचंद गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया. अपने स्वागत भाषण में उन्होंने प्रवाह-2026 बिजनेस एक्सपो के कांसेप्ट का स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रवाह 2026 बिजनेस एक्सपो की थीम है सोच से सफलता तक है. यहां ‘प्रवाह’ शब्द बेहद अहम है. समाज के सचिव संजय (प्रिंस) अग्रवाल ने बताया कि इस विशेष आयोजन में एक ही छत के नीचे विभिन्न विषयों के लिए मंच उपलब्ध होंगे. यहां उद्योगपति, उद्यमी, निर्माता, व्यापारी, डीलर, वितरक, बिल्डर, स्टार्टअप, महिला उद्यमी और युवा व्यवसायी एक साझा मंच पर आएंगे. प्रवाह-2026 का उद्देश्य केवल व्यापारिक प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर व्यवसाय, समाज और नई पीढ़ी के बीच संवाद, सहयोग और नेटवर्किंग को बढ़ावा देना है. लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस उद्घाटन समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे. मंच का संचालन सिद्धार्थ जालान और दीपक बंसल ने किया. इस बिजनेस एक्सपो को ‘प्रवाह 2026’ नाम देने वाले संजयकुमार (एसके) अग्रवाल का भी कार्यक्रम में विशेष उल्लेख किया गया.
बिजनेस ग्रोथ के लिए सभी को एक मंच पर आना चाहिए : ईश्वरचंद गोयल अग्रवाल समाज पुणे के ईेशरचंद गोयल ने कहा कि अग्रवाल समाज की ओर से पुणे में इस प्रकार का कार्यक्रम पहले कभी आयोजित नहीं हुआ था. हालांकि, अपने समाज के उद्यमियों को एक मंच पर लाया जाना चाहिए, इसी विचार से ‘प्रवाह-2026’की शुरुआत हुई. सोच यह थी कि सभी एक मंच पर आएंगे तो उनका हौसला बढ़ेगा और उनका कारोबार बढ़ेगा. हमारी एक सोच यह भी है कि अग्रवाल भाई, अग्रवाल भाई से ही सामान खरीदें और उनका हौसला बढ़ाएं. अग्रवाल समाज में कई लोग अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. कई लोगों के पास विभिन्न कौशल हैं और वे तरह-तरह के व्यापार और उद्योग चला रहे हैं. वे कुछ बनाते हैं, बेचते हैं, लेकिन इसकी जानकारी सभी को नहीं होती. इसी बात को ध्यान में रखते हुए इन सभी को समाज के सामने लाना हमारा मुख्य उद्देश्य है. इस एक्सपो से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और उनके व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा.
विचारों से ही नया विचार जन्म लेता है : नीरज कंसल
जीएसटी कमिश्नर नीरज कंसल ने कहा कि विचारों से ही नए विचार जन्म लेते हैं और उन्हीं विचारों से इंसान के अंदर यह वेिशास पैदा होता है कि अगर मैं इसे लेकर आगे बढ़ूं, तो शायद कुछ बड़ा कर जाऊंगा. उसी दृढ़ वेिशास के बल पर आज स्टार्टअप से जुड़े युवा इतनी मेहनत करते हैं और उसी मेहनत से आगे चलकर एक उद्यम तैयार होता है. उस उद्यम को स्थापित करने के बाद जब आपके अंदर लगन और निरंतरता आती है, तभी आपको असली सफलता मिलती है. इंसान अंततः समाज को ही लौटाना चाहता है और इसमें अग्रवाल समाज अग्रणी है. एक उद्यम का सफर केवल सफलता तक ही नहीं, बल्कि समाज तक पहुंचना चाहिए. व्यापार और उद्योग अग्रवाल समाज के खून में हैं. वे बेहद होशियार भी हैं और सबसे ज्यादा दान करते हैं. वे परोपकारी और जिम्मेदार हैं. मगर एक चीज, जो हम लोगों में सबसे ज्यादा है, वह है भरोसा.आप लोग ऐसी प्रतिष्ठा लेकर चलते हैं, जिसकी वजह से आप कारोबार में सफल हो रहे हैं और इतने सालों से टिके हुए हैं. मगर वह प्रतिष्ठा आपकी बैलेंस शीट में नहीं दिखती, वह दुनिया को दिखाई देती है. इसलिए उस प्रतिष्ठा को बनाए रखना और उसे साथ लेकर चलना बहुत जरूरी है. आपकी प्रतिष्ठा और आप पर लोगों के भरोसे से जो दरवाजे खुलेंगे, वे आपकी पूंजी, तकनीक लाने या बाजार उपलब्ध होने से नहीं खुलेंगे. प्रतिष्ठा से खुलने वाले दरवाजे यदि यह समाज बरकरार रखेगा, तो वह बहुत आगे जाएगा. भविष्य की पीढ़ियों को यह सीखना होगा कि खुद को लगातार नया कैसे बनाया जाए. अगर कोई व्यवसायी आज भी इसी तरह सोचता है कि हमारे यहां तो ऐसा ही होता आया है, तो अब यह नहीं चलेगा. भविष्य वैसा नहीं रहने वाला, जैसा पहले था.
मुझे हमेशा समाज के वरिष्ठजनों का स्नेह मिला : प्रीति अग्रवाल
देश की डाक सेवा में 23 साल से कार्यरत और पुणे की पोस्टमास्टर जनरल प्रीति अग्रवाल ने अपने भाषण में कहा कि सेवाकाल के दौरान देश में जहां भी उनकी नियुक्ति हुई, वहां समाज के वरिष्ठजनों से हमेशा स्नेह मिला. इसलिए समाज की ओर से अनुरोध किए जाने पर वे उस कार्यक्रम में जरूर उपस्थित होती हैं. अगर आज ईेशर ने उन्हें इस काबिल बनाया है कि वे किसी भी भूमिका में उपस्थित हो सकती हैं, तो यह उनका सौभाग्य और वरिष्ठजनों का आशीर्वाद है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने चाचाजी की बात याद है. वे कहते थे कि मैं एक रुपया तभी खर्च करूंगा, जब दो रुपये कमाऊंगा. यही समाज का मूलमंत्र है कि कैसे प्रगति करनी है. इस कार्यक्रम को दिया गया नाम ‘प्रवाह एक्सपो’ संगठन और समाज की सोच को साकार करता है. प्रवाह का मतलब है कभी न रुकना, निरंतरता, ताजगी, लगातार प्रयास, नवाचार और आगे बढ़ते रहना. यही समाज का मूल उद्देश्य है और प्रवाह उसी का व्यापक रूप है.उन्होंने कहा कि उन्हें डाक विभाग में होने पर गर्व है. आज इंडिया पोस्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है, केवल पुणे रीजन में ही 150% की वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि वे बचपन से महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह से जुड़ी रही हैं. उस समय उनका सपना होता था कि कुछ ऐसा करके दिखाएं कि अग्रसेन जयंती पर मेधावी विद्यार्थियों के पुरस्कार समारोह में उन्हें भी मंच पर जाने का अवसर मिले. जब वे 12वीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षा में 22वें स्थान पर सफल हुईं, तो उन्हें बहुत अच्छा लगा. उनके माता-पिता को गर्व हुआ और उन्होंने खुशी से बताया कि उनकी बेटी मंच पर है और उसे पुरस्कार मिल रहा है.
समाज में काम करने वालों के लिए रिफंडेबल सीड कैपिटल योजना : पवन सराफ
क्रिएटि कार्व के निदेशक और शहर के सेवाभावी,दानशील उद्योगपति पवन सराफ ने कहा कि अग्रवाल समाज के लोग पूरा टैक्स भरते हैं, सीएसआर भी देते हैं और इसके बाद दान-धर्म, लोगों की सहायता तथा सेवा भी करते हैं. ऐसे में क्यों न समाज की आर्थिक और मानसिक शक्ति का उपयोग अपने समाज के लोगों के भले के लिए किया जाए? इसी भावना के साथ उन्होंने सीड कैपिटल योजना शुरू करने पर चर्चा की है. इसके तहत वे हर वर्ष समाज में काम करने वाले लोगों को एक करोड़ रुपये रिफंडेबल सीड कैपिटल के रूप में देंगे. वापस मिलने वाली इस राशि का पुनर्वितरण किया जाएगा.
अग्रवाल समाज खुद एक बड़ा ब्रांड नेम, वही उसकी ताकत : विशाल अग्रवाल नागपुर के उद्योगपति विशाल अग्रवाल (एमडी, आरसी प्लास्टो टैंक्स प्रा. लि.) ने घर से मिली सीख का उल्लेख करते हुए कहा कि अग्रवाल समाज खुद एक बड़ा ब्रांड है. अग्रवाल ब्रांड नेम में एक ताकत है. मैंने अपने पिताजी से दो बातें सीखी थीं. पहली यह कि देना सच्चा, लेना झूठा. हमें पैसे बाजार से मिलें या न मिलें, लेकिन जिसका देना है, उसका एक-एक पैसा हिसाब से देना है. यह मेरे लिए पिताजी से मिली बहुत अच्छी सीख थी. दूसरी सीख यह थी कि मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसके हाथ में उसकी मजदूरी होनी चाहिए. उनके ये दो वाक्य वे अपने कारोबार में नियम के रूप में अपनाते हैं.