विवाह की समस्या आज एक समाज में नहीं बल्कि सभी जगह दिखाई दे रही है. जैन समाज की सभी शाखाओं में भी यही समस्या है, लेकिन इस समस्या को दूर करने के लिए समाज के कुछ गणमान्य बहुत सालों से काम कर रहे हैं. इनमें से एक पिंपरी-चिंचवड़ स्थित सुभाष ललवाणी हैं. उनके माध्यम से 2,345 से अधिक युवक-युवतियों के विवाह संपन्न कराए गये हैं, यह समाज के लिए एक गौरवशाली बात है.
प्रतिकूल स्थिती में अखबार बांटकर सिजनल व्यवसायों में नौकरी कर आगे बढने की उम्मीद सराहनीय है. वैवाहिक संबंध जोड़ने में आज कठिनाइयां एवं कठोर प्रयास करने पड़ते हैं, इसलिए वह स्वयं चिंतित है. पूरे समाज में आज दिन-ब-दिन वैवाहिक समस्याएं बढ़ रही हैं, पचास वर्षों से जैन समाज के युवक युवती के विवाह संबंध जोडकर समाजकार्य करने वाले सुभाष ललवाणी ने चिंता व्यक्त की है. सुभाष ललवाणी अब तक दो हजार से अधिक विवाह सफलतापूर्वक सम्पन्न कर चुके है. निगड़ी प्राधिकरण में गत 50 वर्ष से सेवा कर रहे सुभाष ललवाणी समाज के हर क्षेत्र के परिवारों से जुड़े हुए हैं. पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, यहां तक कि देश के हर संप्रदाय के ओसवाल जैन परिवारों से व्यक्तिगत रुप से नाता जोड़ने एवं निभाने की उनकी खूबी बहुत ही उल्लेखनीय एवं सराहनीय है. सुभाष ललवाणी ने पुणे सहित महाराष्ट्र के सभी क्षेत्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र, आदि राज्यों में ओसवाल परिवारों के वैवाहिक समस्या एवं समाधान के माध्यम से एक अलग पहचान एवं स्थान प्राप्त किया है. प्रचंड जनसंपर्क, समाज के हर परिवार से व्यक्तिगत पहचान, उद्योग, राजकीय, सामाजिक, प्रशासकीय, शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत महानुभावों से व्यक्तिगत संपर्क, पुणे एवं महाराष्ट्र स्थित विभिन्न शिक्षा एवं सामाजिक संस्थाओं में कार्यरत वर्तमान एवं भूतपूर्व पदाधिकारी एवं इन्हीं क्षेत्र में जुड़े महानुभावों से वे व्यक्तिगत स्नेह रख इसे वृद्धिगत करने का प्रयास सदैव जारी रखते हैं. भारतीय जैन संघटना, श्री अखिल भारतीय ेशेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली, अखिल भारतीय जैन मोदी, ललवाणी- खाब्या कलवाणी-मलवाणी परिवार, श्री वर्धमान जैन श्रावक संघ आकुर्डी-निगड़ी प्राधिकरण आदि संस्थाओं में विविध पदों पर कार्यरत रहकर अपने माध्यम से सेवा देने का उन्होंने प्रयास किया है. उनके माध्यम से आज जैन समाज के सभी शाखांओं में कुल मिलाकर 2,345 से अधिक युवक-युवतियों के विवाह संपन्न कराए गये हैं और यह सभी सफल हुए हैं, यह समाज के लिए एक गौरवशाली बात है. उनके इस कार्य की सराहना करके उन्हें खानदेश भूषण, समाजभूषण, समाजरत्न, संघशिरोमणी, खानदेशरत्न और हाल ही में उन्हें ‘जितो’ द्वारा आजीवन अतुलनीय योगदान मैच मेकिंग कृतज्ञता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. सुभाष ललवाणी फिरोदिया उद्योग समूह में 32 वर्ष तक कार्यरत रहे. वे यहां सीनियर डिवीजनल मैनेजर (कॉमर्शियल व एडमिनिस्ट्रेशन) थे. इसका महत्वपूर्ण कारण- बढ़ती हुई अपेक्षाएं, विभक्त परिवार पद्धति, हर लड़की को बड़े या मेट्रो सिटी में आना है, सिर्फ कॅरियर बनाना है, श्रेष्ठता और कनिष्ठता की भावना, दोनों की इन्कम, अभिभावकों का हस्तक्षेप, घर के बुजुर्गों का अनुभव-दूरदृष्टि को अनदेखी करना, युवक युवतियों को ही वर्तमान समय में दी गई आजादी वैवाहिक प्रक्रिया में बाधा ला रहा है. लड़कियों की घरमें काम न करने की मानसिकता... आदि अनेक कारण हैं. सुभाष ललवाणी के पिताजी इस विवाह समस्या को सुलझाने का और विवाह संबंध जोड़ने का कार्य करते थे. उनके कार्य को सुभाष ललवाणी आगे बढ़ा रहे हैं, इन सभी कार्यों में उनकी धर्मपत्नी कांता का बड़ा योगदान है. 1974 में ओसवाल बोर्डिंग, नासिक के रेक्टर मूलचंद बेदमुथा का संबंध सुनंदा संचालाल धाड़िवाल, पाचोरा के साथ इनके माध्यम से हुआ और सुभाष ललवाणी का यह कार्य आज तक जारी हैे. उनके इस कार्य को 48 वर्ष पूरे हुए हैं और दो हजार से अधिक वैवाहिक संबंध सफल बनाकर उन्होंने जैन समाज में एक रिकॉर्ड बनाया है. समाज से अपने विवाह योग्य पुत्र एवं पुत्रियों के परिचय-पत्र भेजने की विनती कर इस कार्य को आगे ले जाने की कामना करते हैं. - सुभाष ललवाणी पोर्श- सिध्दी बंगलो, प्लॉट नंबर 197, सेक्टर 24 प्राधिकरण, निगड़ी पुणे 411044 मोबाइल क्र. 9822018300