सदर्न कमांड को 100 वाईडी वन एक्टिव व्हीलचेयर वितरित

    19-Oct-2026
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पुणे, 18 अक्टूबर (आ.प्र.)

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास द्वारा शुक्रवार (16 अक्टूबर) को पुणे के आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर और कमांड हॉस्पिटल (सदर्न कमांड) को 24 स्वदेशी रूप से विकसित वाईडी वन एक्टिव व्हीलचेयर वितरित किए गए. आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर सी.एन. सतीश ने वाईडी वन व्हीलचेयर को आर्म्ड फोर्सेज में शामिल करने और हैंडओवर करने में अहम भूमिका निभाई है. यह फिसर्व द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के माध्यम से समर्थित 100 व्हीलचेयर प्रोग्राम को आगे बढ़ाता है. यह हैंडओवर जून में आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली को पहले 25 व्हीलचेयर की डिलीवरी के बाद हुआ है. नवीनतम डिलीवरी के साथ, प्रोग्राम के तहत अब 49 व्हीलचेयर सौंप दिए गए हैं, जिसका उद्देश्य आर्म्ड फोर्सेज के जवानों की सेवा करने वाले रिहैबिलिटेशन सेटिंग्स के भीतर एक्टिव मोबिलिटी सोल्यूशन तक पहुंच कर विस्तार करना है. इस कार्यक्रम में सर्जन वाइस एडमिरल दिलीप राघवन उपस्थित थे. सदर्न कमांड के मेजर जनरल राधाकृष्णन एस, ब्रिगेडियर सी.एन. सतीश, सदर्न कमांड के डिप्टी कमांडेंट, ब्रिगेडियर के वेंकटनारायण और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. ब्रिगेडियर सी.एन. सतीश ने कहा कि, व्हीलचेयर सिर्फ चलने-फिरने में मदद करने वाली चीज से कहीं अयादा है; यह आजादी, आत्मनिर्भरता, सम्मान और सबको साथ लेकर चलने का एक जरिया है. दिव्यांग लोगों को उनके सपने पूरे करने मेंमददगार टेक्नोलॉजी की भूमिका का स्वागत करते हैं. फिसर्व में उपाध्यक्ष रूपा भरवानी ने कहा कि टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा मतलब तब होता है, जब यह लोगों की जिंदगी में सच में बदलाव लाती है. थ्राइव मोबिलिटी के हेड रियर एडमिरल दीपक बंसल ने कहा कि, असल में, लोगों को अयादा आजादी, मोबिलिटी और सम्मान के साथ जीने में मदद करने के बारे में है.