कर्वे रोड, 18 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) त्यौहारी सीजन के चलते देखा जा रहा है कि इस साल सोने की बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों को हीरों की ओर आकर्षित कर रही हैं. रिटेल विक्रेताओं को इस त्यौहारी सीजन में डायमंड ज्वेलरी की बिक्री 15% से 20% तक बढ़ने की उम्मीद है. छोटे हीरों के कम दाम स्टडेड ज्वेलरी को महंगे सोने के गहनों के मुकाबले एक आकर्षक विकल्प बना रहे हैं. पिछले त्यौहारी सीजन की तुलना में इस बार छोटे हीरों की कीमतें लगभग 25% कम हैं, जबकि इसी अवधि में सोने की कीमतें लगभग 30% बढ़ चुकी हैं. पिछले कुछ समय से हीरे के आभूषणों की बिक्री में तेजी देखी गई है, क्योंकि यह कम कैरेट के सोने के के कारण ग्राहकों के बजट में फिट बैठता है. दुकानदार बताते हैं कि सोने के आभूषण बहुत महंगे होते जाने के कारण, ग्राहक 10,000 रुपये से 1 लाख रुपये की कीमत वाले डायमंड-जड़े (हीरे जड़े) आभूषणों की ओर देख रहे हैं. वहीं ज्वेलर्स भी डिजाइन से समझौता किए बिना लाइटवेट ज्वेलरी खरीदने की सुविधा देने के लिए, डायमंड ज्वेलरी को अधिक किफायती बनाने के लिए 18- कैरेट, 14-कैरेट और 9-कैरेट सोने का उपयोग कर रहे हैं. गौरतलब है कि रोजमर्रा में पहनने वाले (एवरी डे- वियर) डायमंड ज्वेलरी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. इस सेगमेंट में 20% की वृद्धि की उम्मीद भी जताई जा रही है. सोने तें बढ़ने के कारण लोगों आए बदलाव से भी यह झलकती है कि उपभोक्ता हल्के वजन की ज्वेलरी लाईट वेट ज्वेलरी) चुन रहे फिलहाल 30,000 रुपये लाख रुपये की रेंज में रंग्स, अंगूठियां, पेंडेंट और ेसलेट बहुत तेजी से बिक रहे हैं. ोंकि डायमंड ज्वेलरी लुक-टू-प्राइसफ रेशियो ीमत के मुकाबले उसका शानदार लुक) काफी बेहतर होता है. ज्वेलर बताते हैं कि ्राहक अब हल्के वजन के सोने के आभूषण पसंद कर रहे हैं. अच्छी कीमतों पर छोटे स्टोन काफी लोकप्रिय हो गए हैं.
फेस्टिव सीजन में हीरे की ज्वेलरी सस्ती होने से बाजार में इसकी मांग बहुत शानदार
आजकल 9 कैरेट और 14 कैरेट में डायमंड ज्वेलरी और स्टडेड ज्वेलरी का ट्रेंड बहुत तेजी से हुआ है. इसमें जो मेटल वैल्यू है-जैसे पहले अगर आप हीरे की एक अंगूठी लेते थे, तो धातु की अधिक कीमत के कारण हीरे की अंगूठी का खर्च बहुत बढ़ जाता था, वह अब घटकर सीधे एक-तिहाई पर आ गई है.इसकी वजह से हीरे की ज्वेलरी अब सस्ती हो गई है और बाजार में इसकी मांग भी बहुत शानदार है. ग्राहकों के लिए यह बजट-फ्रेंडली (किफायती) है. सगाई के लिए जो सोने की अंगूठियां इस्तेमाल की जाती थीं, अब वे ही अंगूठियां हीरे में कम वजन और दिखने में बेहतर डिजाइनों के साथ तैयार की जा रही हैं. चेन में 18 कैरेट और 14 कैरेट की चेन तैयार की गई हैं. इनमें रोडियम और इटैलियन डिजाइन की मांग भी काफी बढ़ी है. लोगों को हीरे के आभूषण कम कीमत में इस्तेमाल करने का अवसर मिल रहा है. हीरों, यहां तक कि सॉलिटेयर की कीमतों में भी गिरावट आई है. सॉलिटेयर के दामों में लगभग 30% से 40% तक की कमी आई है. लैब ग्रोन (प्रयोगशाला में बने) डायमंड्स के कारण जो बड़े-बड़े सॉलिटेयर हैं - जैसे एक कैरेट या उससे ऊपर के - उनकी कीमत में 40% की गिरावट आई है. लेकिन उनमें जो छोटे डायमंड्स हैं, यानी 1 से 5 सेंट और 5 से 10 सेंट वाले, उनकी वैल्यू में कोई खास बदलाव या करेक्शन नहीं हुआ है. - वास्तुपाल रांका, निदेशक, रांका ज्वेलर्स, कर्वे रोड
‘डायमंड्स आर फॉरएवर’ की अवधारणा आकर्षित करती है
आज आप यदि सोने की अंगूठी लें और विशेष तौर पर पुरुषों के लिए सगाई की आठ-दस ग्राम की अंगूठी लें, तो आपको डेढ़ लाख रुपये तक चुकाने ही पड़ते हैं. वहीं, हीरे में, आपको शुद्ध और असली नेचुरल डायमंड की अंगूठी एक से सवा लाख रुपये में मिल जाती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि सोना या तो 18 कैरेट का होता है या 14 कैरेट का. डायमंड हमेशा के लिए होता है, उसकी पॉलिश, चमक, कायम रहने से डायमंड्स आर फॉरएव्हर, की अवधारणा ग्राहकों को आकर्षित करती है. दूसरी बात, आजकल कॉर्पोरेट सेक्टर में जो लड़कियां काम करती हैं, वे लाइट वेट डायमंड में छोटे इयरिंग्स, एक छोटी डायमंड चेन, एक अंगूठी और ब्रेसलेट पहनना पसंद करती हैं. इसकी बिक्री 100% बहुत बढ़ गई है. शादी के लिए, परिवार के अनुसार, आमतौर पर इंसान लड़की के लिए कुछ न कुछ छोटा डायमंड का पीस - बेटी या बहू के लिए, मंगलसूत्र या डायमंड का बारीक सेट ले लेता है. आजकल हम जिन भी शादियों में जाते हैं, संगीत के कार्यक्रम में तो लोग डायमंड पहने हुए ही दिखाई देते हैं. शादियों में भी सोना, हीरे और जड़ाऊ गहने पहने जाते हैं. संगीत में तो डायमंड पहना ही जाता है, क्योंकि वह रात में चमकता है. - संगीता ललवाणी, निदेशक, गोल्ड मार्ट