शिवाजीनगर, 1 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा ऑडिट किए गए वार्षिक खाते विवरणों (ऑडिट रिपोर्ट) को मुंबई स्थित मुख्य धर्मदाय कार्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करने के लिए 30 नवंबर तक समय सीमा बढ़ा दी गई है. महाराष्ट्र राज्य के धर्मदाय आयुक्त अमोघ श्यामकांत कलोती ने इस संबंध में परिपत्रक (सर्कुलर) बुधवार (30 सितंबर) को जारी किया गया है, जिसके माध्यम से यह सीमा दो महीने के लिए बढ़ा दी गई है.कानून के अनुसार, वित्तीय वर्ष समाप्त होने के छह महीने के भीतर यानी 30 सितंबर तक सार्वजनिक ट्रस्टों और धर्मार्थ संस्थानों की वार्षिक लेखापरीक्षा रिपोर्ट (ऑडिट रिपोर्ट) जमा करना अनिवार्य होता है. मुंबई सार्वजनिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के अध्याय 5 के तहत, धारा 31 से 34 और उससे संबंधित नियम 17 से 21 के अनुसार, हर साल वित्तीय वर्ष समाप्त होने के छह महीने के भीतर चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट करवाना होता है. यह पूरा ऑडिट रिपोर्ट सबसे पहले आयकर विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करना पड़ता है. इसके बाद, इसे चैरिटी विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड करना होता है. ऑडिट रिपोर्ट अपलोड होने के बाद उसकी ऑनलाइन रसीद प्राप्त होती है. इस ऑनलाइन रसीद पर तीन ट्रस्टियों तथा सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) के नाम एवं हस्ताक्षर के साथ ऑडिट रिपोर्ट का सेट संलग्न करना होता है. इसमें वार्षिक बैलेंस शीट, वार्षिक आय और व्यय का विवरण, फॉर्म 9-ऊ के अनुसार सभी ट्रस्टियों के पूरे नाम और पैन कार्ड नंबर, तथा सनदी लेखाकार का यह प्रमाण-पत्र कि संबंधित ट्रस्ट को केवल घरेलू व्यक्तियों एवं संस्थानों से ही दान प्राप्त हुआ है, ऑडिट रिपोर्ट के साथ जोड़ना अनिवार्य है. यह प्रमाण-पत्र जिले के न्यास पंजीकरण कार्यालय की लेखा (अकाउंट्स) शाखा में जमा करके उसकी रसीद प्राप्त करना आवश्यक है.
अंशदान राशि का प्रावधान ऑडिट रिपोर्ट में किया जाए धर्मार्थ संस्थाओं (चैरिटेबल ट्रस्टों) की कुल वार्षिक आय का कितने प्रतिशत अंशदान (कंट्रीब्यूशन) लिया जाना चाहिए, इस संबंध में निर्णय लेने का निर्देश बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में कुछ याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को दिया है. सरकार का यह निर्णय अभी लंबित है. न्यास पर अचानक कोई वित्तीय बोझ या देनदारी न आए, इसलिए पहले की तरह कम से कम 2% अंशदान राशि का प्रावधान ऑडिट रिपोर्ट में किया जाना चाहिए. -एड. शिवराज कदम जहागीरदार पूर्व अध्यक्ष, पब्लिक ट्रस्ट प्रैक्टिसनर्स एसोसिएशन, पुणे