पुणे लोकमान्य फेस्टिवल में ‌‘नवदुर्गा‌’ और ‌‘योद्धा पुरस्कार‌’ प्रदान

महिला और पुरुषों के सामाजिक योगदान की सराहना

    21-Oct-2026
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नवी पेठ, 19 अक्टूबर (आ.प्र.)

समाज हित में योगदान देने वाले महिला और पुरुषों के कार्यों को पुणे लोकमान्य फेस्टिवल में सम्मानित किया गया. उन्हें लोकमान्य नगर स्थित जॉगिंग पार्क में नवदुर्गा और योद्धा पुरस्कार प्रदान किए गए. नवदुर्गा पुरस्कार में सुमन पोतदार, सुप्रिया झेंडे, सुनीता गुजराती, माधवी गांधी, ज्योति जगताप, मैथिली आफले सुनीता झाड़भुखे, नीता ससाने, नीलिमा तेलंग, आशाश्री निफाडकर, शारदा मोहोल, अर्चना करपे और डॉ. सुप्रिया लेखेडे शामिल थीं. इसके साथ ही, ‌‘योद्धा पुरस्कार‌’ से बिपीन देशमुख, रामचंद्र कुलकर्णी, संतोष बोर्डे, हेमंत पाटिल, मुकेश वैराट, सुनील कुसुरकर, उत्पल वी. बी., अन्वय भोसले, सुशांत क्षीरसागर, संदीप चांदोरकर, शैलेश चौधरी, शैलेश आडके, महेंद्र लेले और गणेश दाबक आदि को सम्मानित किया गया. लोकमान्य नगर के पुनर्विकास के मुद्दे पर लगे स्थगन के विरोध में शुरू हुए आंदोलन में ‌‘पुणे लोकमान्य नगर बचाव कृति समिति‌’ के माध्यम से कई लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. ‌‘पुणे लोकमान्य फेस्टिवल‌’ के संस्थापक-अध्यक्ष एडवोकेट गणेश सातपुते और उत्सव प्रमुख डॉ. नरेश मित्तल ने बताया कि सामाजिक एकजुटता, संघर्ष और जनहित में किए गए प्रयासों को देखते हुए इन पुरस्कारों के जरिए उनके काम को सम्मानित किया गया.  
 
नृत्य का जश्न; सोलो और ग्रुप डांस प्रतियोगिता धूमधाम से संपन्न

 नृत्य कला का सुंदर प्रदर्शन, कलाकारों का उत्साह और दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया के बीच ‌‘पुणे लोकमान्य फेस्टिवल‌’ के तहत आयोजित ‌‘सोलो डांस‌’और ‌‘ग्रुप डांस‌’प्रतियोगिता उत्साहपूर्वक संपन्न हुई. सोलो डांस प्रतियोगिता में वेिशजीत लढ्ढे ने प्रथम, स्वरा रायरीकर ने द्वितीय और आदित्य ठाकुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. वहीं ध्रुव केदार और मिहिका शाह को उत्तेजनार्थ पुरस्कार दिए गए. ग्रुप डांस प्रतियोगिता में एसआर डांस स्टूडियो ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. तन्वी और कादंबरी की युगल प्रस्तुति को द्वितीय, जबकि पीएफएआई डांस ग्रुप को तृतीय स्थान मिला. शिव डांस एकेडमी और फिट ऑफ फायर डांस ग्रुप को उत्तेजनार्थ पुरस्कार दिए गए. इस प्रतियोगिता में सोलो डांस वर्ग में 25 प्रतिभागियों ने और ग्रुप डांस वर्ग में 15 टीमों ने भाग लिया. विभिन्न नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा की गहरी छाप छोड़ी. प्रतियोगिता के विजेताओं को 11 हजार और 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, उपहार तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. इस प्रतियोगिता के लिए अभिषेक वाघचौरे और दीपक बिरमणे ने निर्णायक के रूप में भूमिका निभाई. पुणे लोकमान्य फेस्टिवल के संस्थापक-अध्यक्ष एड. गणेश सातपुते और उत्सव प्रमुख डॉ. नरेश मित्तल ने कहा कि यह आयोजन उभरते हुए कलाकारों को मंच प्रदान करने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने वाला सिद्ध हुआ.