खडकवासला, 21 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) खडकवासला स्थित डिफेन्स इंस्टीट्यूट ऑफ एडवान्स टेक्नॉलॉजी यानी डीआईएटी के मेटॉलर्जिकल और मटेरियल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के नौ रिसर्च स्कॉलर्स ने मशहूर फॉलिंग वॉल्स लैब कॉम्पिटिशन में खास पहचान हासिल की है. यह एक इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म है जो ग्लोबल चुनौतियों से निपटने के लिए नए रिसर्च आइडिया को बढ़ावा देता है. ये स्कॉलर्स अभी डीन प्रो. के. बालासुब्रमण्यम कीमार्गदर्शन में रिसर्च कर रहे हैं. चुने हुए स्कॉलर्स ने साइंस और टेक्नोलॉजी में आजकल की चुनौतियों से निपटने वाले नए रिसर्च की संकल्पनाएं पेश की. जिसमें एनवायर्नमेंटल रेमेडिएशन, हेल्थकेयर इनोवेशन, सस्टेनेबल मटेरियल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी जैसे इंटरडिसिप्लिनरी सब्जेक्ट शामिल थे. एक बड़ी कामयाबी में, श्रुति गुप्ता ने हाई-प्रेशर हाइड्रोजन स्टोरेज पर अपनी रिसर्च के लिए दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि क्षितिजा वैद्य और सायाली दोंडगे ने रिकवरेबल हाइड्रोजन और बोन हीलिंग के लिए बायो एडहेसिव पर अपनी प्रेजेंटेशन के लिए मिलकर तीसरा स्थान हासिल किया. यह कॉम्पिटिशन बर्लिन के फॉलिंग वॉल्स फाउंडेशन ने जर्मन फेडरल फॉरेन ऑफिस, स्प्रिंगर नेचर और सार्टोरियस के सहयोग से 2 सितंबर को चेन्नई में आयोजित किया था. इसमें दुनिया भर से 80 से अयादा हिस्सा लेने वाली लैब्स से लगभग 2,900 एप्लीकेशन आए थे. भारत में, 287 एप्लीकेशन मिले, जिनमें से 112 को प्रेजेंटेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया. इस मौके पर, डीआईएटी के वाइस चांसलर, डॉ. बी. एच. वी. एस. नारायण मूर्ति ने प्रो. के. बालासुब्रमण्यम और सभी रिसर्च स्कॉलर्स को उनकी इस कामयाबी पर बधाई दी.