कश्मीर में सामाजिक सौहार्द्र के साथ मनाया दशहरा

पुनीत बालन ग्रुप के सहयोग से शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम पर धूमधाम से उत्सव संपन्न

    22-Oct-2026
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GDGR
श्रीनगर, 21 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 कश्मीर में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सह-अस्तित्व की परंपरा को रेखांकित करने वाला दशहरा उत्सव श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम पर उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया. कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति और पुनीत बालन ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में कश्मीरी पंडितों के साथ-साथ मुस्लिम, हिंदू, सिख और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए थे. बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा उत्सव से कश्मीर के विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच आपसी आदर, सामाजिक सौहार्द और सह-अस्तित्व का संदेश दिया गया. धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मतभेदों को ताक पर रखकर विभिन्न समुदायों के नागरिकों ने इस समारोह में सहभागिता दर्ज कराई. कश्मीर की साझा सांस्कृतिक परंपरा और इंसानियत के रिश्ते आज भी कायम हैं, यह इस उत्सव से देखने को मिला. इस समारोह के सफल आयोजन के लिए पुनीत बालन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके विशेष प्रयासों और प्रबंधकीय सहयोग के कारण उत्सव का आयोजन भव्य रूप में किया गया. उत्सव के आयोजन के लिए कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति ने श्रीनगर जिला प्रशासन, श्रीनगर पुलिस व संपूर्ण पुलिस प्रशासन, जम्मू- कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए), श्रीनगर नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस तथा फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवा विभाग का आभार व्यक्त किया. जेकेसीए की ओर से मैदान और कर्मचारी उपलब्ध कराए गए थे. इस आयोजन के लिए सहयोग करने वाले सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और सहभागी नागरिकों का भी समिति ने आभार जताया. विभिन्न समुदायों के बीच संबंधों को अधिक मजबूत करने के लिए और कश्मीर की विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ फलने-फूलने का अवसर देने के लिए ऐसे सामूहिक उत्सवों का आयोजन महत्वपूर्ण है, ऐसा कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति द्वारा उल्लेख किया गया. कश्मीर यहां के सभी नागरिकों का है, और इस प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य सामाजिक सौहार्द, सह-अस्तित्व और साझा इंसानियत में है, यह संदेश इस उत्सव से एक बार फिर रेखांकित हुआ.  
 
एकता बनाए रखने में उत्सवों की भूमिका महत्वपूर्ण
 कश्मीर में दशहरा उत्सव के माध्यम से विभिन्न धर्मों और समुदायों के नागरिकों का एकत्र आना, आनंद और गर्व की बात है पर्व-उत्सव केवल धार्मिक परंपराओं के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि समाज के इंसानों को जोड़ने और आपसी वेिशास को अधिक मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं. कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने के लिए ऐसे उपक्रमों में सहयोग कर पाने का संतोष है. विविधता में एकता बनाए रखने और एक-दूसरे का सम्मान करने वाला समाज गढ़ने के लिए ऐसे उत्सवों की भूमिका महत्वपूर्ण है. कश्मीर में शांति, भाईचारा और सह-अस्तित्व की भावना और अधिक प्रगाढ़ हो, यही अपेक्षा है. - पुनीत बालन, अध्यक्ष, पुनीत बालन ग्रुप
 
धार्मिक सीमाओं से परे भाईचारे का दिया संदेश

दशहरा का यह समारोह केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित न रहकर कश्मीर की बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बना. विभिन्न धर्मों के अनुयायी एक-दूसरे की आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए एकत्र आ सकते हैं, यह संदेश इस माध्यम से दिया गया. सत्य और सद्गुणों की जीत, करुणा, आपसी आदर और एकता इन मूल्यों का महत्व भी इस अवसर पर रेखांकित हुआ.