पुणे, 21 अक्टूबर (आ.प्र.) शहर की सफाई में जुटे मनपा के कर्मचारियों को कई जगह नागरिकों और सूचना के अधिकार के कार्यकर्ताओं की ओर से बाधाओं और दबाव का सामना करना पड़ता है. छोटे कारोबारियों के खिलाफ गंदगी फैलाने पर कार्रवाई करने जाने पर जनप्रतिनिधियों से अपमानजनक व्यवहार भी झेलना पड़ता है. प्रशासन और नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद बढ़ाने के साथ कचरा परिवहन के लिए जरूरी साधन और वाहन उपलब्ध कराए जाएं, तो शहर को अधिक स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी. मनपा के सफाई कर्मचारियों ने ये समस्याएं और सुझाव साझा किए.अतिरिक्त आयुक्त प्रजीत नायर के नेतृत्व में महालक्ष्मी लांस में सफाई कर्मचारियों के लिए आयोजित ‘स्वच्छ संवाद’ कार्यक्रम में ये बातें सामने आई्ं. ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की ओर से आयोजित इस पहल का उद्देश्य शहर की स्वच्छता में दिन-रात जुटे कर्मचारियों की कार्यस्थल संबंधी समस्याओं और सुझावों को जानना था. सफाई कर्मचारियों से लेकर स्वास्थ्य निरीक्षकों तक ने खुलकर अपनी परेशानियां बताईं और उनके समाधान के उपाय भी सुझाए. कार्यक्रम में मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम, अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे, शहर अभियंता अनिरुद्ध पावसकर, ठोस कचरा विभाग के प्रमुख संतोष वारुळे और सभी पांच क्षेत्रीय उपायुक्त उपस्थित थे. कर्मचारियों ने कहा कि नगरसेवकों, कार्यकर्ताओं और कुछ नागरिकों के व्यवहार के कारण उन्हें काम करने में परेशानी होती है. गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार मुकादमों को भी दिया जाना चाहिए. जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता भी उपलब्ध कराई जाए. झाड़ू लगाने के बाद कचरा उठाने के लिए ठेलागाड़ियां और कचरा संग्रहण वाहन समय पर मिलने चाहिए. कार्यक्रम में यह शिकायत भी की गई कि काम के दौरान ठेका कर्मचारियों को काम से हटा दिया जाता है. कर्मचारियों ने ठेका कर्मियों को साल में चार छुट्टियों का वेतन देने, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, रात की पाली में सफाई का काम दोबारा शुरू करने और जुर्माने की कार्रवाई से प्राप्त राशि का 20 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की मांग की. इस अवसर पर अच्छा काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और स्वास्थ्य निरीक्षकों को सम्मानित भी किया गया. मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम ने कहा कि कर्मचारियों ने अच्छे सुझाव दिए हैं और उन्हें जल्द लागू किया जाएगा. उन्होंने शहर अभियंता को निर्माण मलबे के प्रबंधन और निजी स्वामित्व वाले खाली भूखंडों की सफाई के लिए तत्काल मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए.