फर्जी तरीके से 3000 करोड़ का ठेका पाया

यूपी की "जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड" कंपनी पर धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप

    24-Oct-2026
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Fraud
लखनऊ, 23 अ्नटूबर (वि.प्र.)
फर्जी प्रमाणपत्र से 3000 कराेड़ के ठेके हासिल किए. यूपी की जीएस ए्नसप्रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर धाेखाधड़ी करने का गंभीर आराेप लगा है.
 
सच्चाई उजागर हाेने के बाद सरकार अब ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी में है. प्रदेश में कंपनी काे 41 निर्माण कार्य आवंटित किए गए हैं. नियाेजन विभाग के ईपीसी मिशन की जांच में सिद्धार्थनगर स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य से संबंधित अनुभव प्रमाणपत्र विवादित पाया गया. उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की अयाेध्या इकाई ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रमाणपत्र उसके कार्यालय से जारी नहीं हुआ था.
 
नियाेजन विभाग के अनुसार, इस प्रमाणपत्र के आधार पर कंपनी काे तकनीकी मूल्यांकन में सफल घाेषित किया गया. गाेरखपुर परियाेजना के लिए तीन सितंबर 2026 काे अनुबंध हुआ, जबकि आगरा परियाेजना के लिए 24 अगस्त 2026 काे आशय पत्र जारी किया गया. नाेटिस में इन दाेनाें परियाेजनाओं की निविदाओं और अनुबंधाें का उल्लेख करते हुए जवाब मांगा गया है. उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की अयाेध्या इकाई ने नाै अक्तूबर काे जारी पत्र में अनुभव प्रमाणपत्राें के सत्यापन की स्थिति स्पष्ट की. इकाई के चार अक्तूबर 2026 के पत्र में भी जांच का उल्लेख है. निगम के अनुसार, सिद्धार्थ विवि के निर्माण कार्य के संबंध में 12 अप्रैल 2019 काे जारी प्रमाणपत्र वैध था, लेकिन 21 अक्तूबर 2019 के प्रमाणपत्र काे उसने जारी करने से इन्कार करते हुए अवैध बताया. यही प्रमाणपत्र विभागीय कार्रवाई का प्रमुख आधार है. नाेटिस में निविदा की शर्ताें, अयाेग्यता संबंधी प्रावधानाें और इंटीग्रिटी पैक्ट का हवाला दिया गया है.