ल्हासा, 23 अ्नटूबर (वि.प्र./वार्ता)
तिब्बत में गुरुवार देर रात 7.0 तीव्रता के भूकंप से 18 लाेगाें की माैत हाे गई, जबकि सैकड़ाें लाेग जख्मी हाे गए. 300 से ज्यादा घर ध्वस्त हाे गए. इस भूकंप से भारी अफरा-तफरी के बीच लाेग कई घंटाें तक दहशत में रहे. समाचार लिखे जाने तक युद्ध स्तर पर राहत कार्य जारी रहा. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान-अफगानिस्तान में भी झटके लगे. राजधानी लहासा से 400 किमी दूर जमीन के 10 किमी नीचे भूकंप का केंद्र हाेने से बड़ी तबाही टल गई.
विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार भूकंप के बाद 12 हजार से ज्यादा लाेगाें काे सुरक्षित जगहाें पर पहुंचाया गया. चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक भूकंप के बाद 400 से ज्यादा झटके दर्ज किए गए. भूकंप का केंद्र तिब्बत के नागक्यू शहर के बाछेन काउंटी में था. यह जमीन से 10 किलाेमीटर से भी कम गहराई पर आया. यह जगह तिब्बत की राजधानी लहासा से करीब 400 किलाेमीटर दूर है. शुरुआती रिपाेर्टाें के मुताबिक पाकिस्तान में 4.9 और अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. तिब्बत दुनिया के उन इलाकाें में शामिल है, जहां भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है. यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टाेनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं. इनकी हलचल से हिमालय पर्वत बना है, लेकिन इसी वजह से इलाके में भूकंप भी आते रहते हैं. जनवरी 2025 में तिब्बत के तिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था.इसमें तिब्बत में करीब 400 लाेगाें की माैत हुई थी, जबकि पड़ाेसी नेपाल में 13 लाेगाें की जान गई थी.