मानव जीवन के लिए चुनाैती बना हुआ है कैंसर

    26-Oct-2026
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Cancer
आज भारत में 40 वर्ष से कम उम्र के कैंसर राेगियाें की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है. विशेषज्ञाें के अनुसार, लगभग 20 प्रतिशत मामले इसी आयु वर्ग में पाए जा रहे हैं, जहां जीवनशैली और पर्यावरणीय जाेखिम प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं.
 
विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य प्रमुख रूप से इसी आबादी काे जागरूक करना है ताकि भविष्य की पीढ़ियाें तक बचाव का संदेश पहुंचाया जा सके. विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य लाेगाें काे केवल एक तारीख भर याद दिलाना नहीं है, बल्कि एक व्यापक जागरूकता-आंदाेलन काे शुरू करना है. इसलिए इस दिन के व्यापक उद्देश्याें में शामिल है- कैंसर जाेखिम के बारे में लाेगाें काे जानकारी देना, इस जानलेवा बीमारी की समय पर पहचान और स्क्रीनिंग के महत्व काे समझाना, मुख्य जाेखिम कारकाें (जैसे तंबाकू, खराब खाना, पर्यावरण) काे कम करने के उपाय बताना, इलाज और स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच की बुनियाद बनाना और समाज में कैंसर राेगी व्यवहार काे बढ़ावा देना.
 
भारत में कैंसर का बढ़ता बाेझ भारत में कैंसर के मामले पिछले वर्षाें में निरंतर बढ़ रहे हैं. राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुमान के अनुसार वर्ष 2022 में अनुमानित नए कैंसर मामले लगभग 1.46 मिलियन (14.6 लाख) थे, जिनके 2025 में लगभग 1.57 मिलियन (15.7 लाख) तक पहुंचने का अनुमान था. देश में आबादी के बड़े हिस्से पर कैंसर का प्रभाव बढ़ रहा है, विशेष रूप से फेफड़े, स्तन, सर्वाइकल और ओरल कैंसर जैसे प्रकार प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं. भारत में कई कैंसर राेगियाें की पहचान तब हाेती है, जब बीमारी बढ़ चुकी हाेती है. जल्द पहचान न हाेने के कारण कैंसर से हाेने वाली माैतें अत्यधिक हाेती हैं.
 
अनुमान है कि लगभग 70 प्रतिशत माैतें पहले वर्ष के भीतर ही हाेती हैं, विशेषकर उन मामलाें में जहां स्क्रीनिंग और इलाज की सुविधा सीमित है. एक अन्य शाेध मुताबिक एशिया में कैंसर से हाेने वाली माैताें में भारत दूसरे नंबर पर है.
 
प्रमुख कारण और उपचार कैंसर एक एकल बीमारी नहीं बल्कि कई प्रकार की बीमारियाें का समूह है, इसका कारण आनुवंशिक, पर्यावरणीय और जीवनशैली- आधारित कारकाें का जटिल मिश्रण हाेता है.
 
भारत में कैंसर के प्रमुख कारण तंबाकू और धूम्रपान हैं. एक रिपाेर्ट के मुताबिक तंबाकू-संबंधित राेगाें से प्रतिदिन लगभग 2,500 लाेगाें की माैत हाेती है. पर्यावरणीय जाेखिम वजह है. देश के ज्यादातर छाेटे- बड़े शहर भीषण वायु प्रदूषण की चपेट में हैं जाे कैंसर का एक प्रमुख कारण है.
 
कैंसर की शीघ्र पहचान से उपचार की सफलता दर में भारी वृद्धि हाे सकती है. टीकाकरण यानी ह्यूमन पैपिलाेमा वाइरस (एचपीवी) का भी बहुत महत्व है, यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में संबंध प्रभावी उपायाें में से एक माना जाता है.