कानून के छात्र समर्पण व ईमानदारी का दृष्टिकोण अपनाएं

सूर्यदत्त लॉ कॉलेज में आयोजित विशेष व्याख्यान में जस्टिस संजय देशमुख ने छात्रों का किया मार्गदर्शन

    26-Oct-2026
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बावधन, 25 अक्टूबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

छात्रों को अपनी कानूनी शिक्षा के प्रति समर्पण और ईमानदारी का दृष्टिकोण अपनाते हुए विश्लेषणात्मक सोच, बेहतर तर्कशक्ति, पेशेवर नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करना जरूरी है. कानूनी ज्ञान का अंतिम लाभ आम आदमी तक पहुंचना चाहिए और इससे समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय पाना आसान बनना चाहिए. यह विचार बॉम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद खंडपीठ) के न्यायाधीश संजय ए. देशमुख ने व्यक्त किए. वे एसईएफ के सूर्यदत्त लॉ कॉलेज द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथी बोल रहे थे. ‌‘हमारे दैनिक जीवन में कानून का महत्व‌’ विषय पर उन्होंने छात्रों को मार्गदर्शन किया.छात्रों को कानून की व्यावहारिक प्रासंगिकता, न्याय प्रणाली के संचालन और भावी कानूनी पेशेवरों की जिम्मेदारियों के बारे में उनकी समझ को बढ़ाने के लिए इस विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में पुणे बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एड. पांडुरंग थोरवे, सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक-अध्यक्ष प्रो.डॉ. संजय बी. चोरडिया समेत सूर्यदत्त लॉ कॉलेज में बीबीए एलएलबी, बीए एलएलबी, एलएलएम और डिप्लोमा कार्यक्रमों के 400 से अधिक छात्र, शिक्षक, कर्मचारी अन्य लोगों के साथ उपस्थित थे. सूर्यदत्त लॉ कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक तायवाड़े ने स्वागत किया. उन्होंने कानून की शिक्षा को समृद्ध बनाने के लिए न्यायपालिका के प्रतिष्ठित सदस्यों के साथ शैक्षणिक जुड़ाव के महत्व पर बल दिया. कानून के शासन का सम्मान करना जरूरी ः न्या. देशमुख कानून की जानकारी नागरिकों को अपने अधिकारों की रक्षा करने, अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करने और समझदारी भरे निर्णय लेने में सक्षम बनाती है. कानून के शासन का सम्मान करना सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने, विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और न्याय, निष्पक्षता तथा समानता को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक है.
 
न्यायपालिका तथा कानून के छात्रों के बीच सार्थक बातचीत

सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायपालिका तथा कानून के छात्रों के बीच सार्थक बातचीत को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा हाईकोर्ट के एक वर्तमान न्यायाधीश का मार्गदर्शन कानून के भावी छात्रों को किताबों और कक्षा की चर्चाओं से परे जाकर व्यावहारिक समझ प्रदान करता है.  
 
 कानूनी कार्यवाही दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा
 न्यायाधीश संजय ए. देशमुख ने कहा, कानून केवल अदालतों, कानूनी कार्यवाहियों या कानून की किताबों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है. कानूनी सिद्धांत रोजमर्रा के जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करते हैं, जिनमें अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) से जुड़े दायित्व, संपत्ति का लेन-देन, उपभोक्ता संरक्षण, यातायात के नियम, पारिवारिक संबंध व मौलिक अधिकारों का उपयोग शामिल है. इस व्याख्यान को छात्रों और शिक्षकवृंद - दोनों से ही अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली. व्याख्यान के बाद आयोजित संवादपूर्ण सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रथम वर्ष बी.बी.ए. एलएल.बी. की छात्रा मानसी भुवड ने अपने विचारशील और सटीक उत्तरों से न्यायाधीश देशमुख को विशेष रूप से प्रभावित किया. उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए, उन्हें संवादात्मक सत्र के दौरान सर्वश्रेष्ठ उत्तर देने के लिए सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन सारा जाधव, अन्वेषा गायकवाड़ और कृष्णा धायगुडे ने किया.