लखनऊ, 25 अ्नटूबर (वि.प्र.).
लखनऊ में रविवार काे इलाहाबाद हाईकाेर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने अवैध रूप से निर्मित वकीलाें के चैंबराें काे ध्वस्त करने का अभियान चलाया. नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची ताे बड़ी संख्या में वकील माैके पर जुट गए और विराेध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
स्थिति काे देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए. नगर निगम ने इस बार कुल 200 से ज्यादा अवैध चैंबराें काे चिह्नित किया है. इन पर लाल निशान लगाने के साथ नंबर भी दर्ज किए गए हैं. संबंधित चैंबराें के लिए पहले ही नाेटिस जारी किए जा चुके हैं. आपकाे बता दें इससे पहले दाे बार अवैध चैंबराें पर ऐक्शन हाे चुका है.
नगर निगम की कार्रवाई से नाराज वकीलाें का कहना है कि वे पिछले 15 साल से इन चैंबराें में बैठकर वकालत कर रहे हैं. लंबे समय से यहां कामकाज करने के बावजूद अब उनके चैंबराें काे अवैध मानकर हटाया जा रहा है. इससे उनकी प्रैक्टिस और राेजी-राेटी पर असर पड़ने की आशंका है. अगर हाईकाेर्ट ने चैंबराें काे अवैध माना है ताे प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है. हालांकि, चैंबराें काे ध्वस्त करने से पहले उनके बैठने और काम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए. उनका कहना है कि वे कार्रवाई के विराेध में नहीं हैं, लेकिन प्रशासन काे उनके हिताें और आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिए.